नेपाल के उद्योगपति शंकर अग्रवाल गिरफ्तार

 


काठमांडू, 04 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल के उद्योग समूह शंकर ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष शंकर लाल अग्रवाल को संपत्ति शुद्धीकरण अनुसन्धान विभाग (मनी लॉन्ड्रिंग जांच विभाग) ने हिरासत में लिया है। इतना ही नहीं अग्रवाल के दोनों बेटों साहिल अग्रवाल और सुलभा अग्रवाल के देश छोड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। संपत्ति शुद्धिकरण विभाग के तरफ से इमिग्रेशन विभाग को पत्र लिख कर दोनों के पासपोर्ट को निगरानी में रखने का निर्देश दिया गया है।

बिचौलिया दीपक भट्ट के साथ मिलकर नीतिगत अनियमितताओं में संलिप्त होने के आरोपों के बीच विभाग ने जांच शुरू की, जिसके बाद शंकर अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया और साहिल तथा सुलभ अग्रवाल के पासपोर्ट को वाचलिस्ट के डाला गया है। व्यापारी दीपक भट्ट को दो दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था।

विभाग ने उन्हें शुक्रवार को कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की थी। बयान पूरा नहीं होने के कारण उन्हें ललितपुर पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। जिला ललितपुर के एसपी गौतम मिश्र ने बताया कि विस्तृत जानकारी अभी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “विभाग ने हमें हिरासत में रखने के लिए भेजा है, लेकिन जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी हमारे पास नहीं है।”

विभाग ने शंकर ग्रुप से जुड़े बिचौलिया दीपक भट्ट को गुरुवार को ही गिरफ्तार किया था। उन पर विभिन्न कंपनियों के धन के दुरुपयोग में संलिप्त होने का आरोप है और इस मामले में उनसे भी पूछताछ जारी है। बताया जा रहा है कि भट्ट ने अतीत में शंकर ग्रुप को लाभ पहुंचाने के लिए कई नीतिगत निर्णयों को प्रभावित किया । शंकर ग्रुप के मुख्य निवेश वाली हिमालयन री-इन्स्योरेन्स कंपनी पर भी बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं।

धन अनियमितता के मामले में विभाग ने हाल के दिनों में विस्तृत जांच की है। विभाग हिरासत में रखकर ही मामला दर्ज करने की तैयारी कर रहा है। विभाग के जांच अधिकारियों के अनुसार, भट्ट से जुड़े अन्य व्यावसायिक घरानों पर भी जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास