नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री प्रचण्ड ने दिया वाम दलों के बीच एकता का संकेत

 




काठमांडू, 26 जून (हि.स.)। नेपाल में माओवादी सुप्रीमो पुष्कमल दहाल प्रचण्ड ने वाम दलों के बीच एकता का संकेत दिया है।

शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रचण्ड ने वाम दलों के बीच पार्टी एकता की तरफ संकेत करते हुए “अंतिम परिवर्तन” के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के आगामी एकता महाधिवेशन से एक और बड़ा राजनीतिक परिवर्तन उभरकर सामने आएगा।

कार्यकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रचण्ड ने कहा कि कम्युनिस्ट आंदोलन ने बार-बार राजनीतिक परिवर्तन लाया है और अब वह एक निर्णायक चरण की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “हम वे लोग हैं जिन्होंने हमेशा मौजूदा व्यवस्था को चुनौती दी है और उसे बदलने का काम किया है। महाधिवेशन से एक और परिवर्तन आएगा। आपको साहस के साथ आगे आना होगा।”

प्रचण्ड ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना और अपशब्दों से निराश न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे ऐसे हमलों को राजनीति का सामान्य हिस्सा मानते हैं और आवश्यकता पड़ने पर “क्रांतिकारी” फैसले लेने के लिए हमेशा तैयार हैं।

उन्होंने कहा, “बिना झिझक, डर या भ्रम के आगे बढ़ें। अंतिम परिवर्तन के साक्षी बनें और उसका हिस्सा बनें।”

पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि एनसीपी जल्द ही से जुड़े दलों के साथ सहयोग को और मजबूत करेगी, साथ ही के साथ भी साझेदारी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा, “हम जल्द ही सोशलिस्ट फ्रंट के साझेदारों के साथ एकजुट होंगे और सीपीएन-यूएमएल के साथ सहयोग को मजबूत करेंगे। हम संसद, सड़क और आगामी प्रांतीय तथा स्थानीय चुनावों में सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।”

प्रचण्ड ने कहा कि वामपंथी शक्तियों के बीच व्यापक एकता उनकी राजनीतिक प्रभावशीलता और संसदीय उपस्थिति को मजबूत करेगी।

प्रचण्ड ने सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी पर संघीय ढांचे और संविधान को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि ऐसे प्रयासों का मुकाबला करने के लिए वामपंथी दलों के बीच एकता आज की आवश्यकता है। उन्होंने अंत में कहा, “हमें खुद से पूछना होगा कि क्या हम सच्चे कम्युनिस्ट बनने के लिए तैयार हैं,” और पार्टी के अगले बड़े राजनीतिक परिवर्तन के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार रहने का आह्वान दोहराया।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास