पूर्व प्रधानमंत्री माधव नेपाल कैबिनेट के सभी मंत्रियों को पतंजलि जमीन घोटाला मामले में बयान देने का आदेश
काठमांडू, 25 जून (हि.स.)। पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल सहित उनके कैबिनेट के सभी मंत्रियों को पतंजलि जमीन घोटाला मामले में विशेष अदालत ने बयान के लिए तलब करने का आदेश दिया। विशेष अदालत ने उस समय दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने वाले मंत्रियों को गवाही के लिए अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
विशेष अदालत के न्यायाधीश नारायण प्रसाद पौडेल, हेमन्त रावल और उमेश कोइराला की संयुक्त पीठ ने तत्कालीन कैबिनेट मंत्री डॉ. मीनेन्द्र रिजाल सहित आठ लोगों को बयान के लिए बुलाने का आदेश दिया।
आदेश के अनुसार पूर्व मंत्री मृगेन्द्र सिंह यादव, रकम चेम्जोङ, उमाकान्त चौधरी और महेन्द्रप्रसाद यादव सहित अन्य को भी गवाही के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। इसके अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो में बयान दर्ज कराने वाले पदमराज भट्ट और जगन्नाथ पन्त को भी अदालत में उपस्थित होने का आदेश दिया गया है।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने पतंजलि योगपीठ तथा आयुर्वेद कम्पनी नेपाल की जमीन हिनामिना मामले में पूर्व प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल सहित 93 लोगों के खिलाफ एक वर्ष पहले ही भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।
ब्यूरो ने पूर्व प्रधानमंत्री नेपाल के खिलाफ 18 करोड़ 58 लाख 50 हजार रुपये के जुर्माना और सजा की मांग की है। उन पर आरोप है कि प्रधानमंत्री रहते हुए उन्होंने पद का दुरुपयोग कर सरकारी एवं सार्वजनिक संपत्ति को व्यक्तिगत और संस्थागत हित में हस्तांतरित कराया तथा भ्रष्टाचारजन्य गतिविधियों में संलिप्त रहे।
आरोपपत्र के अनुसार माधव कुमार नेपाल नेतृत्व वाली तत्कालीन मंत्रिपरिषद ने 18 फरवरी 2010 की बैठक में पतञ्जलि को निर्धारित सीमा से अधिक जमीन कारोबार की अनुमति दी थी। साथ ही 1 फरवरी 2010 को सीधे आदेश जारी कर पतंजलि को सीमा से अधिक जमीन की बिक्री और अदला-बदली (सट्टापट्टा) की सुविधा दिलाई गई थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास