नेपाल के नौ राजनीतिक दलों ने सामाजिक सद्भाव के लिए एकजुटता का संकल्प लिया
काठमांडू, 29 जुलाई (हि.स.)। नेपाल के सत्तारूढ़ राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) सहित नौ राजनीतिक दलों ने बुधवार सुबह सर्वदलीय बैठक के बाद राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए एकजुटता का संकल्प लिया है।
यह बैठक आरएसपी के अध्यक्ष रवि लामिछाने की पहल पर सिंहदरबार में बुलाई गई थी। नेपाली कांग्रेस, यूएमएल, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहभागी दलों के नेताओं ने सुनसरी तथा अन्य जिलों में हाल ही में हुई संवेदनशील व दुखद घटनाओं और उसके बाद उत्पन्न तनाव पर विस्तृत चर्चा के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया। बयान में सभी राजनीतिक दलों ने हालिया घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई। साथ ही उन्होंने घायल नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
दलों ने नागरिकों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि नेपाल की पहचान विभिन्न समुदायों के बीच एकता, सहिष्णुता और सह-अस्तित्व में निहित है। उन्होंने लोगों से ऐसी गतिविधियों या उकसावे में शामिल न होने का आग्रह किया, जो वर्षों पुराने सामाजिक संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टकराव से समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता, बल्कि वे और गहरी होती हैं।
संयुक्त वक्तव्य में असंतोष को दूर करने और जटिल मुद्दों को सुलझाने के लिए केवल शांतिपूर्ण संवाद और सहमति को ही एकमात्र लोकतांत्रिक माध्यम बताया गया। इसमें सभी संबंधित पक्षों से अपनी मांगों और शिकायतों को शांतिपूर्ण तरीकों से व्यक्त करने का आग्रह किया गया। केंद्रीय स्तर पर, राजनीतिक दलों ने भविष्य में इस प्रकार की संवेदनशील घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक पहल करने, निरंतर समन्वय बनाने और नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
इसी प्रकार, दलों ने अपनी प्रांतीय, जिला और स्थानीय स्तर की समितियों से भी जमीनी स्तर पर संवाद को मजबूत करने के लिए सर्वदलीय और हितधारकों की बैठकें आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने शांति बनाए रखने और जनता का विश्वास कायम करने के लिए धार्मिक नेताओं, नागरिक समाज और स्थानीय प्रशासन के बीच परस्पर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। बयान में नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की गई और मीडिया संस्थानों से तथ्यात्मक व संतुलित जानकारी प्रसारित करने का आह्वान किया गया। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि भ्रामक जानकारी, नफरत भरे भाषण और अफवाहें स्थिति को और बिगाड़ सकती हैं।
नेपाल सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए दलों ने कहा कि नागरिकों के जान-माल की रक्षा करना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से अधिकतम संयम बरतने, निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ितों को उचित मुआवजा व राहत प्रदान करके स्थिति को सामान्य बनाने का आग्रह किया। राजनीतिक दलों ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा वर्तमान चुनौतियों के टिकाऊ, प्रभावी और शांतिपूर्ण समाधान के लिए सरकार और समाज को आवश्यक सहयोग प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास