नेपाल संसद में सत्तापक्ष के सांसद की टिप्पणी से नाराज विपक्षी सांसदों का हंगामा

 




काठमांडू, 26 मई (हि.स.)। नेपाल की संसद के प्रतिनिधि सभा में मंगलवार को उस समय तनाव बढ़ गया, जब सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद जगदीश खरेल ने संसद में विपक्षी दलों के अवरोध को 'ड्रामा' करार दिया।

पर्यटन सम्बन्धी विधेयक पर चर्चा के दौरान खरेल ने विपक्षी दलों पर दशकों से संसद में अवरोध पैदा करने का आरोप लगाया। संसद की बैठकों के बार-बार स्थगित होने के बावजूद सरकार के आठ अध्यादेशों का बचाव करते हुए खरेल ने कहा कि संसद को अवरोध का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। खरेल ने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री की खोज करते-करते संसद को नाटक का मंच बना चुका है। उनके इस बयान पर विपक्षी सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई।

उनकी टिप्पणी के बाद विपक्षी दल के सांसद नरेंद्र करूंग गुस्से में अपनी सीट से उठकर सदन के आगे पहुंचे और विरोध में जोर-जोर से बोलने लगे।स्थिति तनावपूर्ण होने पर एक अन्य विपक्षी सांसद बसंत थापा ने हस्तक्षेप किया और नाराज सांसद को वापस उनकी सीट तक ले गए। खरेल की तीखी टिप्पणियों और विपक्षी विरोध प्रदर्शनों की आलोचना से विपक्षी सांसद काफी नाराज दिखाई दिए।

खरेल ने कहा, “अब स्पष्ट हो गया है कि आठ अध्यादेशों की आवश्यकता क्यों पड़ी। दशकों से अटके विधेयकों को अब और रोका नहीं जा सकता। संसद विपक्ष द्वारा कार्यवाही बाधित करने की जगह नहीं है। जब पर्यटन विधेयक पर चर्चा चल रही है, तो पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर बहस करने के बजाय अवरोध क्यों पैदा किया जा रहा है?”

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास