ट्रैफिक पुलिस से जुर्माने पर विवाद के बाद काठमांडू में चालक ने बस में लगाई आग
काठमांडू, 21 सितंबर (हि.स.)। नेपाल की राजधानी काठमांडू के त्रिपुरेश्वर में जुर्माने को लेकर ट्रैफिक पुलिस और बस चालक के बीच विवाद के बाद बस में आग लगने की घटना सामने आई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि विवाद के बाद चालक ने ही बस में आग लगाई। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए एसएसपी के नेतृत्व में जांच समिति गठित कर दी गई है।
घटना सोमवार को त्रिपुरेश्वर चोक स्थित बस स्टॉप के सामने हुई। आग रिद्धीसिद्धी यातायात की बा 5 ख 4274 नंबर की बस में लगी। आग लगने के समय बस चालक बस के अंदर ही मौजूद था। घटना में काभ्रे निवासी 25 वर्षीय चालक दावा लामा गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने उन्हें बस से बाहर निकालकर इलाज के लिए कीर्तिपुर स्थित बर्न अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर है।
घटना से पहले चालक और ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बीच जुर्माने को लेकर विवाद हुआ था। सोशल मीडिया पर सामने आए विवाद के वीडियो में चालक ट्रैफिक पुलिस द्वारा जुर्माना किए जाने का विरोध करते हुए सुनाई दे रहा है। चालक का कहना था कि उसने कोई गलती नहीं की है और इसके बावजूद उस पर जुर्माना लगाने की कोशिश की जा रही है। वीडियो में वह पुलिसकर्मियों से बहस करते हुए यह भी कहता सुनाई देता है कि वह जुर्माना नहीं देगा।
पुलिसकर्मी चालक से जुर्माना भरने की बात कह रहे थे। इस दौरान बस सड़क के बीच में खड़ी होने के कारण यातायात प्रभावित होने की बात कहते हुए चालक को बस किनारे लगाने के लिए भी कहा गया। विवाद बढ़ने के कुछ समय बाद बस के पिछले हिस्से से आग की लपटें उठती दिखाई दीं।
जिला पुलिस परिसर काठमांडू के एसएसपी दिलीप घिमिरे ने घटना की प्रारंभिक जांच के आधार पर चालक द्वारा ही बस में आग लगाए जाने की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि आग लगने के समय चालक बस के अंदर ही मौजूद था और वह बाहर नहीं निकला, इसलिए प्रारंभिक तौर पर चालक द्वारा आग लगाए जाने की आशंका है। हालांकि, पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना का अंतिम कारण विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए काठमांडू पुलिस ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है। रानीपोखरी के एआईजी सुशील सिंह राठौर के अनुसार, समिति का नेतृत्व एसएसपी रमेश बस्नेत करेंगे। समिति को पांच दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का समय दिया गया है। समिति घटना से पहले ट्रैफिक पुलिस और चालक के बीच हुए विवाद, जुर्माना लगाए जाने की परिस्थितियों तथा बस में आग लगने के वास्तविक कारण सहित पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी।
बस में आग लगने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने दमकल की सहायता से आग पर काबू पाया। घटना के कारण त्रिपुरेश्वर क्षेत्र में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। फिलहाल पुलिस घटना के प्रत्यक्षदर्शियों, उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। पांच दिन के भीतर जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बस में आग कैसे लगी और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास