नेपाल में 7 सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए भारत से हुआ समझौता

 


काठमांडू, 02 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल में भारत सरकार के अनुदान सहयोग से शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र की 7 सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए गुरुवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 47.3 करोड़ है।

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास, सामान्य प्रशासन मंत्रालय नेपाल और नेपाल सरकार के परियोजना कार्यान्वयन निकायों के बीच यह समझौता हुआ। समझौते के तहत 7 परियोजनाएं लागू की जाएंगी, जिनमें नवलपुर जिले के मध्यबिंदु नगरपालिका में कोल्ड स्टोर निर्माण, तेह्रथुम जिले के लालीगुराँस नगरपालिका में कोल्ड स्टोर निर्माण, मुस्तांग जिले के घरपजोंग गांवपालिका में जनबल माध्यमिक विद्यालय का भवन, छात्रावास और कैंटीन निर्माण, कैलाली जिले के गौरीगंगा नगरपालिका में श्री कालिका प्राथमिक विद्यालय भवन निर्माण, रौतहट जिले के परोहा नगरपालिका में बर्थिंग सेंटर निर्माण, डोल्पा जिले के त्रिपुरासुंदरी नगरपालिका में श्री कस्तुरी माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण और बांके जिले के खजुरा गांवपालिका में श्री जनकल्याण माध्यमिक विद्यालय भवन निर्माण है।

इन परियोजनाओं को नेपाल सरकार के स्थानीय निकायों, नगरपालिकाओं और गांवपालिकाओं के माध्यम से लागू किया जाएगा। दूतावास के मुताबिक भारत सरकार वर्ष 2003 से अब तक नेपाल में कुल 598 परियोजनाएं शुरू कर चुकी है, जिनमें आज हस्ताक्षरित 7 परियोजनाएं भी शामिल हैं। इनमें से 506 परियोजनाएं स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पेयजल, संपर्क, स्वच्छता और सार्वजनिक उपयोगिताओं जैसे क्षेत्रों में पूरी की जा चुकी हैं, जबकि बाकी परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं।

दूतावास के मुताबिक भारत और नेपाल के बीच घनिष्ठ पड़ोसी संबंधों के तहत बहुआयामी सहयोग जारी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नेपाली पक्ष का मानना है कि कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाएं कृषि क्षेत्र में किसानों को सीधा लाभ पहुंचाएंगी, वहीं स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी।

यह पहल नेपाल सरकार के विकास प्रयासों को मजबूती देने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास