नेपाल चीन के बीच रसुवागढ़ी-केरूंग नाका बंद होने से कोरला-लिजी बॉर्डर पर बढ़ा व्यापारिक दबाव

 


काठमांडू, 14 सितंबर (हि.स.)। नेपाल और चीन के बीच वैकल्पिक व्यापारिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल होने वाले मुस्तांग जिले के कोरला-लिजी नाके पर पिछले दो हफ्तों से व्यापारिक गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं।

नेपाल-चीन के प्रमुख व्यापारिक नाके रसुवागढ़ी-केरुंग के 26 अगस्त से बाढ़ के कारण पूरी तरह बंद होने के बाद चीन से सामान का आयात अब कोरला नाके के जरिए किया जा रहा है। चीन ने फिलहाल तातोपानी नाका भी नहीं खोला है। ऐसे में नेपाल-चीन व्यापार के लिए कारोबारियों को कोरला-लिजी नाके का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

रसुवा में बाढ़ के बाद चीन से नेपाल आने वाले सामान का दबाव बढ़ने से मुस्तांग कस्टम कार्यालय में रोजाना सैकड़ों मालवाहक वाहनों की जांच और क्लीयरेंस होने लगी है। कार्यालय के अनुसार, चीन से आने वाले सामान के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों का आयात भी इसी नाके से हो रहा है।

मुस्तांग कस्टम प्रमुख विदुर चुडाल के अनुसार, फिलहाल रोजाना करीब 60 से 70 वाहनों का भंसार जांच-पास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर कंटेनरों में दशहरा को ध्यान में रखकर लाए गए सामान हैं। इसके अलावा औद्योगिक कच्चा माल और कुछ फल भी आयात किए जा रहे हैं।

मुस्तांग कस्टम कार्यालय से अब तक कुल 482 कंटेनरों का भंसार जांच-पास हो चुका है। 26 अगस्त से पहले कोरोला नाके से जनवरी से 10 अगस्त तक केवल 133 कंटेनरों की जांच-पास हुई थी, जबकि बाढ़ के बाद अकेले 349 कंटेनरों का क्लीयरेंस किया जा चुका है।

रसुवागढ़ी नाका बंद होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहन भी मुस्तांग के रास्ते नेपाल पहुंच रहे हैं। कस्टम प्रमुख चुडाल के अनुसार, अब तक मुस्तांग भंसार से 757 इलेक्ट्रिक वाहनों का जांच-पास हो चुका है। बाढ़ से पहले तक केवल 163 ईवी का भंसार जांच-पास हुआ था। इसके बाद 594 इलेक्ट्रिक वाहनों का क्लीयरेंस किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि अभी भी करीब 300 से 400 इलेक्ट्रिक वाहन नाके पर मौजूद हैं, जिनमें से कुछ का कस्टम क्लियरेंस बाकी है। तातोपानी नाका भी बंद रहने के कारण आने वाले दिनों में मुस्तांग के रास्ते ईवी आयात का दबाव बने रहने की संभावना है। फिलहाल, मुस्तांग नाके से व्यापारिक गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं और कस्टम कार्यालय इसी के प्रबंधन में जुटा हुआ है।

रसुवागढ़ी नाका बंद होने के बाद मुस्तांग भंसार कार्यालय के राजस्व संग्रह में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चुडाल के अनुसार, शनिवार तक एक अरब 87 करोड़ नेपाली रुपये राजस्व जमा हो चुका था। रविवार को करीब 13 करोड़ और जमा होने के बाद कुल राजस्व लगभग 2 अरब पहुंच गया है।

जबकि जनवरी से 26 अगस्त तक मुस्तांग कस्टम कार्यालय से केवल 53 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ था। बाढ़ के बाद कोरला को वैकल्पिक व्यापारिक नाके के रूप में इस्तेमाल किए जाने से कम समय में राजस्व संग्रह में बड़ी वृद्धि हुई है।

रसुवागढ़ी नाका बाढ़ के कारण बंद होने के बाद विकल्प के तौर पर मुस्तांग नाके का इस्तेमाल बढ़ा है। इसके चलते दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं और सरकार के सालाना राजस्व लक्ष्य का करीब एक-चौथाई हिस्सा पहले ही जमा हो चुका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास