नेपाल में पूजा-अर्चना के साथ विक्रम संवत 2083 का स्वागत

 


काठमांडू, 14 अप्रैल (हि.स.)। विक्रम संवत 2083 की वैशाख 1 गते की शुरुआत के साथ नेपाल भर में लोग मंगलवार को पारंपरिक रीति-रिवाज, पूजा-अर्चना और नए उत्साह के साथ नववर्ष मना रहे हैं। लोग आने वाले वर्ष के लिए नई आशाओं और संकल्पों को अपनाते हुए इस अवसर को हर्षोल्लास से मना रहे हैं।

बैशाख 1, जो नेपाल में विक्रम संवत कैलेंडर का पहला दिन है, पूरे देश में नेपाली नववर्ष के रूप में व्यापक रूप से मनाया जाता है। इस दिन का गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व है, और लोग मंदिरों में दर्शन, पारिवारिक मिलन और विभिन्न उत्सव गतिविधियों के माध्यम से इसे मनाते हैं।

सौर कैलेंडर के अनुसार, बैशाख 1 वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है, जबकि चंद्र कैलेंडर में नववर्ष चैत्र शुक्ल पक्ष के पहले दिन से आरंभ होता है। हिंदू पंचांग पर आधारित विक्रम संवत कैलेंडर नेपाल की आधिकारिक समय-गणना प्रणाली है। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं दे रहे हैं। नववर्ष की पूर्व संध्या से लोगों ने बधाई संदेश देने शुरु किए।

इस अवसर पर नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने सामूहिक राष्ट्रीय लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। नववर्ष 2083 के अवसर पर सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि सफलता संयोग से नहीं, बल्कि दृढ़ निश्चय, अनुशासन और निरंतर प्रयास से मिलती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास