नेपाल : राजनीति दल से आबद्ध सरकारी कर्मचारियों की सभी ट्रेड यूनियन खारिज
काठमांडू, 28 मार्च (हि.स.)। नेपाल में बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों सहित सरकार के हर एक निकाय में राजनीतिक दलों से जुड़े दलीय ट्रेड यूनियनों को खत्म करने का निर्णय लिया है।
शनिवार की देर रात सार्वजनिक किए गए बालेन सरकार के 100 एक्शन प्लान के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार, पुनर्संरचना और मितव्ययिता लागू करते हुए सार्वजनिक प्रशासन को पूरी तरह राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त, निष्पक्ष, तटस्थ और नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाने की बात कही गई है।
सरकार के निर्णय में उल्लेख है कि इस उद्देश्य के लिए सिविल सेवा के अधिकारियों, शिक्षक, प्राध्यापक तथा अन्य सभी प्रकार के कर्मचारियों को किसी भी दल, समूह या स्वार्थ केंद्र से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े बिना कार्य करेंगे। उल्लंघन होने पर प्रचलित कानून के अनुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही सार्वजनिक प्रशासन में दलीय ट्रेड यूनियनों को समाप्त कर अनावश्यक हस्तक्षेप और अनौपचारिक दबाव को खत्म करते हुए निर्णय प्रक्रिया और सेवा प्रवाह को अधिक प्रभावी बनाने की योजना है।
इसके लिए आवश्यक कानूनी व्यवस्था करने हेतु 45 दिनों के भीतर संघीय सिविल सेवा विधेयक तैयार किया जाएगा।
सरकार ने भ्रष्टाचार, ढिलाई और सेवाग्राहियों के प्रति असहज व्यवहार जैसी प्रवृत्तियों में सुधार लाने पर भी जोर दिया है। कर्मचारियों को जवाबदेह, सेवा-उन्मुख, जनमुखी और आदर्श बनाने के लिए आचार संहिता का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
साथ ही, कर्मचारियों के लिए ऐसा वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा जिसमें वे पेशेवर मर्यादा बनाए रखते हुए निष्पक्ष, तटस्थ रहकर सरकार के निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन कर सकें।
संघ, प्रदेश और स्थानीय स्तर पर संगठन एवं प्रबंधन सर्वेक्षण के लिए राष्ट्रीय मानक 15 दिनों के भीतर तैयार कर स्वीकृत किए जाएंगे। शिक्षकों के सेवा अभिलेख (सिटरोल) का पंजीकरण तथा सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली सुविधाओं का प्रबंधन आगामी आर्थिक वर्ष से प्रदेश के शिक्षा मंत्रालयों द्वारा किया जाएगा।
कर्मचारियों के कार्य प्रदर्शन को परिणाम से जोड़ने के लिए प्रत्येक पद के कार्य विवरण के अनुसार वस्तुनिष्ठ प्रदर्शन सूचकांक 45 दिनों के भीतर संबंधित सार्वजनिक निकायों/कार्यालयों द्वारा तैयार किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास