नेपाल में जेन जी प्रदर्शन के दूसरे दिन हुए विध्वंश की जांच के आदेश, न्यायिक समिति का होगा गठन
काठमांडू, 28 मार्च (हि.स.)। नेपाल सरकार ने गत जेन जी प्रदर्शन के दूसरे दिन यानि 9 सितंबर 2025 की घटना की जांच के लिए एक सप्ताह के भीतर अलग से एक उच्चस्तरीय न्यायिक समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
शनिवार की देर रात सार्वजनिक किए गए “शासकीय सुधार के 100 कार्यसूची” के तहत उस दिन की घटना के सत्य तथ्यों की जांच के लिए समिति बनाने का फैसला किया गया है।
इस समिति को घटना से संबंधित सभी विवरण एकत्र करने, गहन विश्लेषण करने और जिम्मेदार पक्षों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। साथ ही, समिति की सिफारिशों के आधार पर कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जेन जी प्रदर्शन के दूसरे दिन यानि 9 सितंबर को देशभर में बड़े पैमाने पर विध्वंश मचाया गया था। राजधानी काठमांडू के सभी बड़े सरकारी भवनों में आगजनी की गई जिनमें सिंहदरबार, राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री आवास, मंत्री निवास सुप्रीम कोर्ट सहित सभी संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया था।
8 सितंबर की घटना के लिए दोषी तत्कालीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी होने के बाद 9 सितंबर की घटना के लिए दोषी लोगों पर भी कार्रवाई किए जाने की मांग उठ रही है।
कार्यसूची में यह भी उल्लेख है कि गौरी बहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट के आधार पर दोषी व्यक्तियों और पक्षों के खिलाफ प्रचलित कानून के अनुसार आवश्यक जांच, कार्रवाई और अभियोजन प्रक्रिया तुरंत आगे बढ़ाई जाएगी।
विभिन्न घटनाओं और विषयों पर गठित आयोगों की रिपोर्ट केवल अभिलेख तक सीमित रह जाने और उनके कार्यान्वयन न होने की समस्या को समाप्त करने के लिए 30 दिनों के भीतर ऐसी रिपोर्टों की सिफारिशों को लागू करने हेतु आवश्यक कानूनी, प्रशासनिक और अभियोजन प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास