काला सागर में जहाजों पर हमलों के बाद नाटो बढ़ाएगा निगरानी, तैनात होंगे विमान और ड्रोन

 

ब्रसेल्स, 20 अक्टूबर (हि.स.)। काला सागर में जहाजों पर हुए सिलसिलेवार ड्रोन हमलों के बाद नाटो ने क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है। सैन्य गठबंधन ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अतिरिक्त समुद्री गश्ती विमान, रडार सिस्टम और ड्रोन तैनात करेगा। ये हमले रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े माने जा रहे हैं, हालांकि नाटो ने इनके लिए किसी देश को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

नाटो के मुख्यालय ब्रसेल्स में गठबंधन की प्रमुख निर्णय लेने वाली संस्था उत्तर अटलांटिक परिषद की बैठक में काला सागर की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई। नाटो के सैन्य प्रवक्ता अमेरिकी सेना के कर्नल मार्टिन एल. ओ’डॉनेल के अनुसार, विमानों, ड्रोन और रडार प्रणालियों के अलावा सदस्य देश खुफिया अधिकारियों तथा विस्फोटकों की फोरेंसिक जांच करने वाली टीमों को भी भेज चुके हैं या भेजने की तैयारी कर रहे हैं।

पिछले सप्ताह रोमानिया के काला सागर तट के पास दो रासायनिक टैंकरों पर ड्रोन हमले हुए थे। हमलों के बाद जहाजों में आग लग गई और सात नाविक लापता बताए गए। इससे पहले के दस दिनों में रोमानिया और पड़ोसी नाटो सदस्य देश बुल्गारिया के तट के पास कम से कम पांच अन्य मालवाहक जहाजों को भी निशाना बनाया गया। इन घटनाओं में कम से कम 23 नाविकों के लापता होने या मारे जाने की खबर है।

नाटो की मुख्य प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि गठबंधन अपने पूर्वी हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था पहले ही मजबूत कर चुका है, जिसमें ड्रोन-रोधी क्षमताएं भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नाटो एकजुट रहेगा और संभावित खतरों से निपटने के लिए तैयार रहेगा, ताकि गठबंधन के करीब एक अरब लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय