स्यूटा सीमा संकट पर मेलोनी ने की साझा यूरोपीय कार्रवाई की वकालत

 


स्यूटा, 01 अगस्त (हि.स.)। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्यूटा सीमा संकट को यूरोप के लिए गंभीर चेतावनी बताते हुए अवैध प्रवासन से निपटने के लिए संयुक्त यूरोपीय रणनीति की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि हालिया घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यूरोपीय संघ को बाहरी सीमाओं की सुरक्षा और मानव तस्करी पर रोक लगाने के लिए मिलकर काम करना होगा।

मेलोनी ने कहा कि इटली और डेनमार्क की पहल पर यूरोपीय संघ के 22 सदस्य देशों ने एक संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें बाहरी सीमाओं को मजबूत करने, अवैध प्रवासन पर नियंत्रण, मानव तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई, प्रत्यावर्तन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और अवैध प्रवेश को बढ़ावा देने वाले कारणों को समाप्त करने की मांग की गई है।

इसी बीच, इटली ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए स्पेन के साथ समुद्री और हवाई मार्गों पर शेंगेन व्यवस्था के तहत मिलने वाली मुक्त आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लागू किया है। इसके तहत स्पेन से आने वाले यात्रियों की हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर औचक जांच की जा रही है।

वहीं, स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने कुछ यूरोपीय देशों की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि संकट से निपटने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने स्पेन को शेंगेन व्यवस्था से निलंबित करने जैसी मांगों को पूर्वाग्रह, भ्रामक सूचनाओं और राजनीतिक हितों से प्रेरित बताया।

स्यूटा सीमा संकट को लेकर यूरोपीय देशों के बीच प्रवासन नीति पर मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आए हैं, जबकि यूरोपीय संघ स्तर पर साझा समाधान की मांग लगातार तेज होती जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय