मलेशिया में 100 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थी हिरासत में, यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर जुटे थे

 

कुआलालंपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए 100 से अधिक रोहिंग्या शरणार्थियों को सोमवार को अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, सभी को आगे की जांच के लिए हिरासत में लिया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थानीय समयानुसार शाम करीब 8:30 बजे पुलिस कीचार ट्रकों में सभी शरणार्थियों को उनके सामान सहित लेकर चली गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें पूछताछ और आवश्यक औपचारिकताओं के लिए कुआलालंपुर पुलिस मुख्यालय ले जाया गया है।

शरणार्थियों का कहना है कि उन्हें 26 जुलाई को मलेशिया के उत्तरी राज्य पेनांग में स्थानीय निवासियों द्वारा अपने घरों से निकाल दिया गया था। इसके बाद वे रातभर बसों से यात्रा कर राजधानी पहुंचे और यूएनएचसीआर से पुनर्वास तथा सुरक्षा की मांग की।

हाल के महीनों में मलेशिया में रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ ऑनलाइन घृणा अभियान और भ्रामक सूचनाओं में वृद्धि देखी गई है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि इसके कारण इस समुदाय के लोगों को उत्पीड़न, भेदभाव और सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कुछ क्षेत्रों में इससे शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि यूएनएचसीआर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से आम नागरिकों में चिंता पैदा हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज या अनुमति नहीं होगी, उनके खिलाफ आव्रजन कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, किसी को भी शहर के किसी हिस्से पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है।

यूएनएचसीआर के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के अंत तक मलेशिया में लगभग 1.26 लाख रोहिंग्या शरणार्थी पंजीकृत थे, जबकि मानवाधिकार संगठनों का अनुमान है कि बड़ी संख्या में रोहिंग्या बिना पंजीकरण के भी देश में रह रहे हैं।

एक रोहिंग्या शरणार्थी सैयद कासिम ने बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ सहायता की उम्मीद में यूएनएचसीआर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन उन्हें किसी भी संस्था से तत्काल मदद नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि वह पिछले 20 वर्षों से मलेशिया में रह रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय