कोलकाता से पहली बार सीधे नेपाल के विराटनगर पहुंची व्यावसायिक कार्गो ट्रेन
- सड़क मार्ग की तुलना में रेल सेवा से परिवहन लागत में 40 प्रतिशत तक कमी आएगी
काठमांडू, 21 जुलाई (हि.स.)। भारत के कोलकाता से पहली बार व्यावसायिक कंटेनर कार्गो ट्रेन सीधे विराटनगर पहुंचने पर नेपाल का निजी क्षेत्र उत्साहित है। नेपाल–भारत पारवहन समझौते के तहत तीसरे देशों से आयातित कच्चा माल लेकर शुक्रवार को कोलकाता से रवाना हुई कार्गो ट्रेन सोमवार दोपहर विराटनगर पहुंची।
नियमित सेवा के रूप में पहली बार संचालित इस कार्गो ट्रेन से मोरंग–सुनसरी औद्योगिक कॉरिडोर स्थित स्वस्तिक ऑयल इंडस्ट्रीज के लिए कच्चा माल लाया गया। उद्योगपतियों का कहना है कि सड़क मार्ग की तुलना में रेल सेवा से परिवहन लागत में 40 प्रतिशत तक कमी आएगी और माल की सुरक्षा भी बेहतर होगी।
नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ, कोशी प्रदेश के अध्यक्ष राजेन्द्र राउत ने इसे निजी क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि लंबे समय से की जा रही मांग आखिरकार पूरी हुई है। उनके अनुसार इससे उद्योगपतियों का मनोबल बढ़ा है और सड़क मार्ग की कठिनाइयों से राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग से माल आने में देरी, चोरी और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था, जबकि रेल सेवा शुरू होने से पूर्वी नेपाल के उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और इसका लाभ उपभोक्ताओं को भी मिलेगा।
राउत ने बताया कि पहले कंटेनर कार्गो केवल बीरगंज तक ही पहुंचता था, जबकि विराटनगर के बथनाहा तक केवल बल्क कार्गो आता था। अब कंटेनर सीधे विराटनगर पहुंचने से परिवहन लागत में भारी कमी आएगी, वस्तुओं की कुल लागत (लैंडेड कॉस्ट) घटेगी और नेपाली उत्पाद भारतीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे। उन्होंने खाली कंटेनरों की वापसी की सुव्यवस्थित व्यवस्था करने तथा छोटे कारोबारियों के लिए सामूहिक (क्लबिंग) व्यवस्था के माध्यम से माल आयात की सुविधा विकसित करने की भी आवश्यकता बताई।
मोरंग उद्योग व्यापार संघ के अध्यक्ष अनुपम राठी ने कहा कि कार्गो रेल सेवा शुरू होने से परिवहन किराया कम से कम 30 प्रतिशत तक घटेगा और माल ढुलाई का समय भी काफी कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले कोलकाता से ट्रक के जरिए माल पहुंचने में 5 से 7 दिन लगते थे, जबकि बारिश के मौसम में इससे भी अधिक समय लगता था। अब रेल से वही माल सिर्फ 3 दिन में विराटनगर पहुंच गया।
राठी ने कहा कि अब शिपिंग कंपनियों को विराटनगर में भी अपने कार्यालय खोलकर यहीं कंटेनर उपलब्ध कराने चाहिए, जिससे यहां से होने वाला निर्यात भी सस्ता और तेज होगा तथा अन्य क्षेत्रों से प्रतिस्पर्धा करना आसान हो जाएगा। उनका दावा है कि रेल सेवा से माल मंगाने पर परिवहन खर्च में 40 प्रतिशत तक बचत होगी। उन्होंने इस सेवा को नियमित बनाए रखने पर जोर दिया ताकि उद्योगों के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी स्थायी लाभ मिल सके।
कार्गो रेल सेवा का औपचारिक शुभारंभ शुक्रवार को कोलकाता में नेपाल के महावाणिज्यदूत झक्कप्रसाद आचार्य, भारतीय सीमा शुल्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया था। विराटनगर पहुंचने पर निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और सीमा शुल्क अधिकारियों ने ट्रेन का स्वागत किया।
विराटनगर की एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) तक कार्गो रेल पहुंचाने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में परीक्षण किया गया था, लेकिन नीतिगत जटिलताओं और प्रक्रियागत समन्वय की कमी के कारण सेवा नियमित नहीं हो सकी थी। अब दोनों देशों के बीच नीतिगत बाधाएं दूर होने के बाद निजी क्षेत्र को उम्मीद है कि कोलकाता–विराटनगर कार्गो रेल सेवा नियमित रूप से संचालित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास