अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाज रोकने को लेकर इजराइल की कार्रवाई पर यूरोपीय देशों का विरोध तेज
रोम/तेल अवीव, 02 मई (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक मानवीय सहायता अभियान से जुड़े जहाज को रोकने को लेकर इजराइल और यूरोपीय देशों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। इटली और स्पेन ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है और हिरासत में लिए गए अपने नागरिकों की तुरंत रिहाई की मांग की है।
इटली सरकार ने स्पष्ट किया कि संबंधित जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में था, ऐसे में उसे रोकना उचित नहीं ठहराया जा सकता। उसने कहा कि जहाज पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और हिरासत में लिए गए इटालियन नागरिकों को बिना शर्त रिहा किया जाए। इटली ने इस घटना को गैरकानूनी बताते हुए अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन पर जोर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में कई विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनमें इटली के नागरिक भी शामिल हैं। इटली का कहना है कि यह मामला केवल एक देश का नहीं बल्कि वैश्विक समुद्री कानून और मानवाधिकारों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उधर, स्पेन ने भी अपने एक नागरिक की गिरफ्तारी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। स्पेन के विदेश मंत्री ने इसे “गैरकानूनी हिरासत” और “अपहरण” करार देते हुए तुरंत रिहाई की मांग की है। स्पेन का कहना है कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है।
बताया जा रहा है कि इजराइल ने जहाज को इसलिए रोका क्योंकि उसे आशंका थी कि यह गाजा या लेबनान की ओर सहायता सामग्री ले जा रहा है। हालांकि, इस कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है कि सुरक्षा चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय कानून के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय