भूमध्य सागर में रूस के 'शैडो फ्लीट' से जुड़े प्रतिबंधित टैंकर पर यूरोपीय संघ की कार्रवाई

 


- इटली के नेतृत्व वाले ईयू मिशन ने जहाज पर चढ़कर की जांच, फर्जी ध्वज के संदेह में दो घंटे तक चला निरीक्षण

रोम, 02 अगस्त (हि.स.)। इटली के नेतृत्व वाले यूरोपीय संघ (ईयू) के नौसैनिक मिशन ने रविवार को भूमध्य सागर में रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' से जुड़े एक प्रतिबंधित तेल टैंकर पर चढ़कर उसकी राष्ट्रीयता और ध्वज पंजीकरण की जांच की। इटली के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह कार्रवाई जहाज पर फर्जी ध्वज के इस्तेमाल के संदेह के आधार पर की गई।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'टोआ पायोह' नामक यह टैंकर, जिस पर यूरोपीय संघ पहले ही प्रतिबंध लगा चुका है, कैमरून के ध्वज के तहत बेनिन से तुर्किये के इस्तांबुल की ओर जा रहा था। इसे इटली के पेंटेलेरिया द्वीप के पश्चिम में भूमध्य सागर में रोका गया।

मंत्रालय ने बताया कि जहाज के कप्तान ने शुरुआती चरण में जांच में सहयोग नहीं किया। इसके बाद इन्वाफॉर मेड आईरिनी मिशन के प्रमुख युद्धपोत थाओन दी रेवेल से हेलीकॉप्टर के जरिए इतालवी सैन्यकर्मियों की एक टीम जहाज पर उतारी गई।

करीब दो घंटे तक चली इस जांच में एक यूनानी नौसैनिक पोत और पोलैंड के समुद्री गश्ती विमान ने भी सहयोग किया। अभियान सुरक्षित रूप से पूरा हुआ और जांच के दौरान प्राप्त दस्तावेजों का इतालवी अधिकारी परीक्षण कर रहे हैं।

यूरोपीय संघ का आरोप है कि रूस यूक्रेन युद्ध के बाद तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से बचने के लिए तथाकथित 'शैडो फ्लीट' का उपयोग कर रहा है। इसी कारण ईयू ने ऐसे कई जहाजों पर प्रतिबंध लगाए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय