ट्रंप ने अमेरिकी नेवी को होर्मुज में माइन बिछाने वाले जहाज को उड़ाने के आदेश दिए

 




- ब्रिटेन-फ्रांस ने कहा, होर्मुज को खोलने के लिए कठोर सैन्य कार्रवाई की जरूरत

तेहरान/वाशिंगटन/लंदन, 23 अप्रैल (हि.स.)। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली अगर कोई नाव नजर आए तो उस पर गोलीबारी की जाए। अमेरिका और ईरान के अस्तित्व की लड़ाई बन चुके होर्मुज जलडमरूमध्य का टकराव हिंद महासागर तक पहुंच गया है, क्योंकि अमेरिका ने इस महासागर से ईरान के एक और तेल टैंकर को जब्त करने का दावा किया है। ईरान एक दिन पहले होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों को निशाना पहले ही बना चुका है।

फॉक्स न्यूज, सीबीएस न्यूज, सीएनएन और अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार पेंटागन ने 'मैजेस्टिक एक्स' नामक तेल टैंकर के डेक पर मौजूद अपने सैनिकों का एक वीडियो भी जारी किया है। दावा किया गया है कि इस टैंकर को हिंद महासागर में जब्त किया गया है। महत्वपूर्ण यह भी है कि यह ईरानी जहाज उसी स्थान से जब्त हुआ है, जहां पहले अमेरिकी सेना ने 'टिफनी' नाम के तेल टैंकर को जब्त किया था। पेंटागन ने कड़े शब्दों में कहा, ''अमेरिका की अवैध नेटवर्क को तोड़ने और ईरान को सहायता पहुंचाने वाले जहाजों को रोकने के लिए वैश्विक समुद्री निगरानी जारी रहेगी। ऐसे जहाज भले ही दुनिया में कहीं भी हों।'' इससे पहले ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को जब्त कर चुका है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से समझौते की चाह में संघर्ष विराम को भी बढ़ा चुके हैं। मगर ईरान बातचीत की मेज पर आने से इनकार कर चुका है। इस बीच ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली अगर कोई नाव नजर आए तो उस पर गोलीबारी की जाए। किसी भी नाव पर गोली चलाई जाए। ट्रुथ सोशल पर उन्होंने कहा, मैंने यूनाइटेड स्टेट्स नेवी को आदेश दिया है कि वह नाव छोटी हो या बड़ी उसे मार गिराया जाए। इसमें कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए।

इस बीच ब्रिटेन और फ्रांस ने होर्मुज खोलने के लिए कठोर सैन्य कार्रवाई की जरूरत बताया है। साथ ही दुनिया के बाकी देशों से सहयोग करने का आग्रह किया है। ब्रिटेन और फ़्रांस ने आज लंदन में मिल रहे सैन्य रणनीतिकारों से कहा है कि महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक और कड़े सैन्य विकल्पों की जरूरत होगी। ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली और उनकी फ्रांसीसी समकक्ष कैथरीन वॉट्रिन ने संयुक्त बयान में कहा, आपका काम कूटनीतिक सहमति को व्यावहारिक सैन्य विकल्पों में बदलना है। ऐसा करना जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जरूरी है। इसके लिए एक समन्वित संयुक्त योजना को अमल में लाना होगा।

उल्लेखनीय है कि दर्जनों देशों के रणनीतिक सैन्य अधिकारी इस जलमार्ग को फिर से खोलने पर चर्चा करने के लिए आयोजित दो-दिवसीय सम्मेलन के दूसरे दिन उत्तरी लंदन के नॉर्थवुड स्थित यूके के स्थायी संयुक्त मुख्यालय में इकट्ठा हो रहे हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद