ओमान का अमेरिका पर तीखा प्रहार, ईरान से जंग को बताया ट्रम्प की ‘सबसे बड़ी गलती’

 

मस्कट/वॉशिंगटन, 19 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ओमान ने अमेरिका की नीतियों पर कड़ा सवाल उठाया है। ओमान के विदेश मंत्री बद्र अलबुसैदी ने ईरान के साथ चल रही जंग को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की “सबसे बड़ी गलती” करार दिया है।

अलबुसैदी ने कहा कि इस युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर किया है, बल्कि अमेरिका की विदेश नीति को भी पटरी से उतार दिया है। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात यह दिखाते हैं कि कूटनीतिक समाधान की जगह सैन्य विकल्पों को प्राथमिकता दी जा रही है, जो लंबे समय में नुकसानदेह साबित हो सकता है।

ओमान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि यह संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर डाल सकता है। पश्चिम एशिया दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है, ऐसे में यहां अस्थिरता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता और महंगाई बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा कि इस युद्ध से किसी भी पक्ष को वास्तविक लाभ नहीं होगा, बल्कि यह सभी देशों के लिए नुकसानदेह साबित होगा—चाहे वह आर्थिक मोर्चा हो या सुरक्षा का सवाल।

अलबुसैदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील भी की कि वे जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर इस संघर्ष को समाप्त कराने के प्रयास तेज करें। उन्होंने कूटनीतिक संवाद और शांतिपूर्ण समाधान को ही इस संकट से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बताया।

ओमान जैसे संतुलित और कूटनीतिक भूमिका निभाने वाले देश का यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की गंभीरता को दर्शाता है। यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक स्तर पर भी अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय