अमेरिका से बातचीत विफल हुई तो होर्मुज में आक्रामक रुख अपनाएगा ईरान

 


दुबई, 17 अगस्त (हि.स.)। अमेरिका के साथ स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत में गतिरोध के बीच ईरान ने अपनी नीति रक्षात्मक से बदलकर “पूरी तरह आक्रामक” करने की चेतावनी दी है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कूटनीतिक प्रयास विफल होने पर ईरान रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने के लिए सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

अधिकारी के अनुसार, ईरान तनाव बढ़ने की स्थिति के लिए तैयार है और जरूरत पड़ने पर “समय पर और सटीक” सैन्य हमला किया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच जून में हुए समझौता ज्ञापन के तहत 60 दिनों के भीतर युद्ध समाप्त करने और व्यापक मुद्दों पर समझौता करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद बढ़ गए और समझौता पटरी से उतर गया।

तेहरान का दावा है कि समझौते के एक प्रावधान के तहत उसे जलडमरूमध्य के प्रबंधन का अधिकार है, जबकि अमेरिका इस व्याख्या को खारिज करता है। ईरान ने आगे की बातचीत के लिए अमेरिका से पहले समझौते की सभी शर्तें लागू करने की मांग की है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख दोहराते हुए कहा है कि उनका मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार हासिल न कर सके। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से क्षेत्र में संघर्ष और तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय