ईरान ने होर्मुज में एक तेल टैंकर को रोका, लेबनान में हमले पर दी सीजफायर तोड़ने की चेतावनी

 

तेहरान/बेरूत, 08 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच घोषित संघर्ष विराम के बावजूद हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। ताजा घटनाक्रम में ईरान ने लेबनान पर हो रहे इजराइली हमलों के विरोध में रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। इस कदम को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने इस क्षेत्र में एक तेल टैंकर को भी रोका है, जिसे जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। ईरान समर्थित मीडिया का कहना है कि यदि लेबनान पर हमले जारी रहते हैं, तो तेहरान न सिर्फ सख्त कदम उठाएगा बल्कि संघर्ष विराम को भी समाप्त कर सकता है।

इस बीच लेबनान में सक्रिय उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह ने भी तीखी चेतावनी जारी की है। संगठन का कहना है कि यदि मौजूदा सीजफायर में लेबनान को शामिल नहीं किया गया, तो यह समझौता ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा। हिज्बुल्लाह ने इजराइल पर लगातार हमलों का आरोप लगाते हुए क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका जताई है।

दूसरी ओर, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति की अपीलें भी जारी हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सभी पक्षों से संयम बरतने और दो सप्ताह के संघर्ष विराम का सम्मान करने की अपील की है। उन्होंने कूटनीतिक समाधान पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं।

वहीं चीन की ओर से भी सक्रिय कूटनीति के संकेत मिले हैं। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि उनका देश पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच सहयोग की संभावना जताई है। हालांकि, जमीनी हालात इसके उलट दिखाई दे रहे हैं।

कुल मिलाकर, होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना, हिज्बुल्लाह की चेतावनी और जारी हमलों ने यह साफ कर दिया है कि क्षेत्र में शांति अभी दूर की कौड़ी है और हालात किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय