ईरानी हमले में जॉर्डन स्थित अमेरिकी अड्डे पर कई सैन्य विमान क्षतिग्रस्त
वॉशिंगटन, 10 सितंबर (हि.स.)। ईरान के इस सप्ताह किए गए मिसाइल हमले में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कई अमेरिकी सैन्य विमान क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।
अधिकारी के अनुसार, जॉर्डन के मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस पर हुए हमले में एक ए-10 थंडरबोल्ट-II विमान का एक पंख क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि करीब आठ एफ-15 लड़ाकू विमानों को मामूली नुकसान पहुंचा। इन एफ-15 विमानों को मरम्मत के बाद दोबारा सेवा में शामिल कर लिया गया है।
अमेरिकी सेना को ईरान के इस हमले से पहले भी युद्ध के दौरान सैन्य नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें दो दर्जन से अधिक ड्रोन के नष्ट होने के अलावा लड़ाकू विमानों को नुकसान और कुछ विमानों का दुर्घटनाओं में नष्ट होना शामिल है। कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस की मई की एक रिपोर्ट के अनुसार, संघर्ष के दौरान उस समय तक 42 अमेरिकी सैन्य विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, ईरानी हमले के दौरान अमेरिकी बलों ने मिसाइलों को रोकने के लिए करीब 30 पैट्रियट इंटरसेप्टर दागे। इससे अमेरिका के वायु रक्षा मिसाइल भंडार को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
ईरान का हमला उस कार्रवाई के बाद हुआ, जिसमें अमेरिकी बलों ने ईरान के पांच कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों को नष्ट करने की बात कही थी। अमेरिका ने इसे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाए जाने की प्रतिक्रिया बताया।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के अनुमान के मुताबिक, फरवरी से जुलाई के बीच अमेरिका अपने करीब 65 प्रतिशत पैट्रियट इंटरसेप्टर इस्तेमाल कर चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध शुरू होने से पहले करीब 2,330 इंटरसेप्टर के मुकाबले अब 850 से कम बचे होने का अनुमान है। हालांकि, वास्तविक संख्या गोपनीय है।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय