ट्रंप ने दोहा वार्ता पर जताया भरोसा, ईरान के परमाणु-मुक्त अभियान पर काम 'अच्छी तरह चल रहा है'

 


वाशिंगटन, 01 जुलाई (हि.स.)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की दिशा में चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कतर की राजधानी दोहा में हुई उच्चस्तरीय वार्ताएं बेहद अच्छी रही हैं और अमेरिका-ईरान संबंधों में भी प्रगति हो रही है।

तुर्किए की सरकारी संवाद समिति अनाडाेलू

एजेंसी ने बताया कि नॉर्थ डकोटा रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने अपने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की दोहा में हुई बैठकों की सराहना करते हुए कहा कि बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।

ट्रंप ने पूर्ण युद्ध की आशंकाओं को भी खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल कूटनीतिक प्रयास प्रभावी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते बहुत अच्छे चल रहे हैं और वार्ता के ज़रिए समाधान की संभावना बनी हुई है।

यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि ट्रंप ने हाल ही में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ सहित अपने शीर्ष सैन्य सलाहकारों के साथ संभावित सैन्य विकल्पों पर चर्चा की थी, लेकिन फिलहाल कूटनीति को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोहा में तकनीकी स्तर की वार्ताओं में भी कुछ प्रगति हुई है और दोनों पक्ष लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हालांकि सेना ने पिछले हफ्ते उन पर बहुत ज़ोरदार हमला किया था, लेकिन उन्हें लगता है कि कूटनीतिक प्रक्रिया अभी असरदार है। उन्होंने कहा, हमारे रिश्ते बहुत अच्छे चल रहे हैं।

बुधवार को एक रिपोर्ट में कहा गया कि कतर में तकनीकी बातचीत में प्रगति हो रही है, क्योंकि वॉशिंगटन और तेहरान महीनों से चल रहे युद्ध के स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस के सकारात्मक रुख के बावजूद, तेहरान ने आधिकारिक तौर पर इस बात से इनकार किया है कि अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ कोई सीधी बैठक तय है। उनका कहना है कि सभी बातचीत बिचौलियों के ज़रिए होती है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ समझौता ज्ञापन तब लागू हुआ जब ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और उनके अमेरिकी समकक्ष ट्रंप ने उस पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए।

यह समझौता फरवरी के आखिर में शुरू हुए युद्ध को खत्म करने और बातचीत के जरिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच लंबित मुद्दों को सुलझाने का एक ढांचा प्रदान करता है। इन मुद्दों में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लड़ाई रोकना, प्रतिबंधों में ढील, परमाणु मामला, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह से फिर से खोलना और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी