मतदान को लेकर सीमा सील होने के बावजूद भारतीय श्रद्धालुओं को होगी वापस जाने की अनुमति

 




काठमांडू, 24 फ़रवरी (हि.स.)। आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव के मद्देनज़र 72 घंटे पहले सीमा सील किए जाने की तैयारी के बीच स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिथिला माध्यमिकी परिक्रमा में शामिल भारतीय साधु-संतों और श्रद्धालुओं को अपने घर लौटने से नहीं रोका जाएगा।

निर्वाचन से 72 घंटे पूर्व अंतरराष्ट्रीय सीमा सील करने की योजना है। हर वर्ष आयोजित होने वाली मिथिला की “महाकुंभ” कही जाने वाली इस परिक्रमा में लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय नागरिकों की भी होती है। परिक्रमा की समाप्ति के समय इस बार सीमा सील होने वाली है, जिससे भारतीय श्रद्धालुओं के घर लौटने में कठिनाई की आशंका जताई जा रही थी।

चारों ओर से उठी चिंताओं के बाद प्रशासन ने स्पष्ट निर्णय लिया कि भारतीय नागरिकों की वापसी में कोई अवरोध नहीं किया जाएगा। धनुषा और महोत्तरी जिला प्रशासन कार्यालय में आयोजित सर्वदलीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि परिक्रमा में शामिल साधु-संतों और श्रद्धालुओं को घर लौटने में आवश्यक सहूलियत प्रदान की जाएगी।

धनुषा के प्रमुख जिला अधिकारी इन्द्रदेव यादव ने बताया कि मौन अवधि के दौरान भी परिक्रमा में शामिल भारतीय साधु-संतों को सीमा पर नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनाव में सीमा सील होने की स्थिति में विदेश से आए नागरिकों को अपने गंतव्य तक लौटने से नहीं रोका जाता। इसी आधार पर निर्णय लिया गया है कि सीमा सील होने पर बाहर से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, लेकिन परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को सीमा पुलिस से समन्वय कर चुनाव के दिन को छोड़कर 4 मार्च तक बिना अवरोध घर लौटने दिया जाएगा।

15 दिवसीय परिक्रमा 2 मार्च को जनकपुरधाम पहुंचेगी और 3 मार्च को जनकपुरधाम नगर की अंतरगृह परिक्रमा संपन्न करेगी। इसी कार्यक्रम के अनुसार श्रद्धालु 3 मार्च को नगर परिक्रमा पूरी कर प्रस्थान करेंगे। उस समय तक चुनाव के लिए मौन अवधि प्रारंभ हो चुकी होगी।

सुरक्षा के मद्देनजर दोनों देशों की सहमति में 2 मार्च की रात 12 बजे से ही अंतर्राष्ट्रीय सीमा सील कर दी जाएगी। लेकिन इस परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को 4 मार्च रात 12 बजे तक भारत वापस जाने की अनुमति होगी।

5 मार्च को मतदान के दिन सुबह 5 बजे से मतदान समाप्त होने तक यानि शाम 7 बजे तक अंतरराष्ट्रीय सीमा पूरी तरह से सील रहेगी जिस दौरान किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नहीं होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास