गाजा हमलों से जुड़ी ‘नाजा’ फिल्म के दावों पर आईडीएफ सख्त, सैन्य सामग्री के लीक की भी होगी जांच

 


तेल अवीव, 14 सितंबर (हि.स.)। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर ने विवादित डॉक्यूमेंट्री ‘नाजा’ को लेकर कानूनी कार्रवाई की संभावनाओं की जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही फिल्म बनाने में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई गोपनीय सैन्य सामग्री के लीक होने की भी जांच कराने को कहा गया है।

जमीर ने सोमवार को वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर डॉक्यूमेंट्री से जुड़े आरोपों पर चर्चा की। फिल्म में दावा किया गया है कि इजराइल ने गाजा पट्टी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित हमलों का इस्तेमाल किया, जिनमें आम नागरिकों की जान गई। आईडीएफ ने फिल्म में लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। हालांकि, सेना का कहना है कि उसने अभी पूरी डॉक्यूमेंट्री नहीं देखी है और उसने निर्माताओं से इसकी स्क्रीनिंग कराने का अनुरोध किया है, ताकि सभी आरोपों पर तथ्यात्मक प्रतिक्रिया दी जा सके।

जमीर ने फिल्म के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अंशों और प्रचार सामग्री के आधार पर इसे आईडीएफ तथा उसके सैनिकों के खिलाफ गंभीर और झूठे आरोपों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री से सैनिकों और कमांडरों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। बैठक के बाद जमीर ने बहु-विषयक टीम गठित करने का निर्देश दिया, जो आईडीएफ के खिलाफ लगाए गए कथित गलत दावों से निपटने के उपाय सुझाएगी। सैन्य एडवोकेट जनरल मेजर जनरल इताई ओफिर को फिल्म और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ संभावित कानूनी कदमों की समीक्षा करने को कहा गया है।

इसके अलावा, सैन्य नेतृत्व को यह पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि फिल्म के निर्माण में इस्तेमाल गोपनीय सामग्री कैसे बाहर पहुंची और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। बैठक में आईडीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, वायुसेना प्रमुख, सैन्य खुफिया इकाई 8200 के कमांडर और सेना के प्रवक्ता भी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय