हंगरी के प्रधानमंत्री ने फेसबुक पर लगाया संसदीय चुनाव काे प्रभावित करने का आराेप
बुडापेस्ट, 10 अप्रैल (हि.स.)।
यूरोपीय देश हंगरी के प्रधानमंत्री बिक्टर ओर्बन ने फेसबुक की संचालक कंपनी मेटा प्लेटफार्म्स इंक पर देश के संसदीय चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। ओर्बन का दावा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक विपक्ष के नेता पीटर मैग्यार के पक्ष में माहौल बना रहा है, जबकि सत्तारूढ़ दल की पहुंच को सीमित किया जा रहा है। हालांकि मेटा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। हंगरी में संसदीय चुनाव के लिए 12 अप्रैल को मतदान होगा।
अंतरराष्ट्रीय समाचार टेलीविजन नेटवर्क रूस टुडे के अनुसार हंगरी की सरकार ने फेसबुक पर रविवार (12 अप्रैल) को होने वाले संसदीय चुनाव में दखल देने का आरोप लगाया है। सरकार ने कहा है कि फेसबुक प्रधानमंत्री ओर्बन की पोस्ट की पहुंच को सीमित कर रहा है, जबकि उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी विपक्षी नेता पीटर मैग्यार की पोस्ट की विज़िबिलिटी को बढ़ा रहा है।
सरकारी प्रवक्ता ज़ोल्टन कोवाक्स का दावा है कि फेसबुक का एल्गोरिदम मूल रूप से सरकारी पार्टियों के खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि ओर्बन के आधिकारिक सरकारी पेज पर विज्ञापन की सख्त सीमाएं लागू हैं और उसकी ऑर्गेनिक पहुंच (बिना विज्ञापन के पहुंचने की क्षमता) कम है, जबकि मैग्यार को एक निजी 'पब्लिक फिगर' प्रोफ़ाइल चलाने की अनुमति है, जिसे एल्गोरिदम के मामले में अधिक स्वतंत्रता मिली हुई है।
थिंक टैंक एमसीसी ब्रसेल्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो पर लगभग समान व्यूज होने के बावजूद, मैग्यार की पोस्ट पर प्रधानमंत्री ओर्बन की पोस्ट की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक लोगों की प्रतिक्रिया मिली है। रिपोर्ट में प्रधानमंत्री की पार्टी फिदेज के समर्थन वाले कंटेंट पर कमेंट्स के गायब होने का भी एक ट्रेंड देखा गया, जबकि विपक्षी पार्टियों के पेजों पर ऐसा कोई व्यवहार नहीं देखा गया।
मेटा ने सरकार के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री के अकाउंट्स पर कोई प्रतिबंध नहीं है और न ही कोई पोस्ट हटाई गई है।
मैग्यार के एक सहयोगी ने इस सफलता का श्रेय विपक्षी नेता की एल्गोरिदम की भाषा समझने और खबरों के चक्र की गति के साथ तालमेल बिठाने की क्षमता को दिया है।
हंगरी के यह आरोप फरवरी के आखिर में हुई एक घटना के बाद आए हैं, जिसमें फेसबुक ने अस्थायी रूप से सरकार समर्थक तीन समाचार आउटलेट्स को ब्लॉक कर दिया था। हंगरी के राष्ट्रीय मीडिया संघ ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया और सुझाव दिया कि यह टेक दिग्गज दक्षिणपंथी समाचार पोर्टल्स को दंडित कर रहा है।
पिछले महीने सत्तारूढ़ राजनीतिक दल फिदेज के कई सदस्यों ने दावा किया था कि मेटा ने उनकी फेसबुक पोस्ट की पहुंच को सीमित करना शुरू कर दिया है, तो टिप्पणीकारों ने ऑस्कर ब्रास्ज़ज़िन्स्की को उस कर्मचारी के रूप में पहचाना, जो संभवतः इसके लिए जिम्मेदार है। ब्रास्ज़ज़िन्स्की, जो मेटा में 'मध्य और पूर्वी यूरोप के लिए सरकारी और सामाजिक प्रभाव भागीदार' के रूप में काम करते हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर यूक्रेन समर्थक, ओर्बन विरोधी और एलजीबीटी समर्थक कंटेंट साझा किया है।
हंगरी लंबे समय से यह तर्क देता रहा है कि ब्रसेल्स और साथ ही कीव ओर्बन को सत्ता से हटाने के लिए एक सुनियोजित अभियान चला रहे हैं। हंगरी के विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्टो ने यूराेपीय यूनियन की खुफिया एजेंसियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विपक्षी टिस्जा पार्टी से जुड़े एक हंगेरियन पत्रकार की मदद से उनके फाेन की टैपिंग की है। वहीं प्रधानमंत्री ओर्बन ने यूक्रेन पर राजनीतिक कारणों से द्रुजबा पाइपलाइन के जरिए तेल की सप्लाई रोकने का भी आरोप लगाया है।
बीते मंगलवार को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने हंगरी के प्रधानमंत्री ओर्बन के समर्थन में बुडापेस्ट का दौरा किया और यूराेपीय यूनियन के नौकरशाहों पर विदेशी चुनावों में दखलंदाजी के सबसे बुरे उदाहरणों में से एक का आरोप लगाया। वैंस ने दावा किया कि ब्रसेल्स ने हंगरी की अर्थव्यवस्था को तबाह करने की कोशिश की है क्योंकि वे ओर्बन को पसंद नहीं करते।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी