हूति विद्रोहियों ने रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जे का किया दावा, शिपिंग पर बढ़ा खतरा

 

अदन, 10 सितंबर (हि.स.)। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को यमन के रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया। हूती और यमनी अधिकारियों के अनुसार, लाल सागर के पास स्थित यह शहर क्षेत्रीय समुद्री यातायात के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। मोखा पर नियंत्रण से लाल सागर के रास्ते होने वाली वैश्विक शिपिंग पर नए खतरे की आशंका बढ़ गई है।

मोखा बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से करीब 80 किलोमीटर दूर है। यह जलमार्ग लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है तथा वैश्विक स्तर पर तेल और अन्य सामान की आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है।

हूती अधिकारियों और यमन की सरकार के सहयोगी नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के कमांडर अहमद बाश ने मोखा पर हूतियों के नियंत्रण की पुष्टि की है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, शहर के विभिन्न हिस्सों में हूती लड़ाकों की मौजूदगी देखी जा रही है और कई बाजार बंद हो गए हैं।

2022 में यमन में एक संघर्षविराम के बाद से मोखा पर कब्जा हूतियों की सबसे बड़ी क्षेत्रीय बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले शहर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थक बलों का नियंत्रण था।

------------------------

हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय