होर्मुज में फिलहाल शांति की उम्मीद नहीं, युद्ध टालने के प्रयासों को झटका
वाशिंगटन/तेहरान, 11 मई (हि.स.)। इस साल फरवरी आखिर से अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर छिड़ी तकरार के और तेज होने की संभावना बढ़ गई है। युद्ध टालने और तनाव को कम करने के ताजा कूटनीतिक प्रयासों को झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। ईरान की सेना ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि अगर आक्रामकता फिर से शुरू होती है, तो दोनों देशों को निश्चित रूप से कल्पना से परे चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
अल जजीरा और सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट में इस घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की गई है। ट्रंप ने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान के ताजा प्रस्ताव को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। ईरान ने अपने जवाब में कहा कि वह टकराव रोकने को तैयार है। बशर्ते अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी तत्काल हटाए। प्रतिबंधों को खत्म करे। परमाणु कार्यक्रम और विदेश नीति पर दखल न दे। इनमें कुछ ऐसे मसले हैं जिनका हवाला वाशिंगटन ने इस युद्ध को शुरू करने के लिए दिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ऐसा अमेरिका कभी नहीं करेगा। यह किसी से छुपा नहीं है कि ईरान दुनिया की 12वीं या 13वीं परमाणु शक्ति बनने की महत्वाकांक्षा रखता है। उसके पास इजराइल के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने की क्षमता भी है। अमेरिका हमास और हिजबुल्ला जैसे आतंकी समूहों के लिए ईरान के समर्थन को भी खत्म करना चाहता है। दोनों देशों के बीच ऐसे कुछ अहम मुद्दे हैं, जो शांति की राह में चट्टान बनकर खड़े हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल लिखा, मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया पढ़ी है। मुझे यह पसंद नहीं आई। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है! उन्होंने दूसरी पोस्ट में कहा, ईरान पिछले 47 साल से अमेरिका और बाकी दुनिया के साथ खेल खेल रहा है। ओबामा सरकार ने 2015 में एक समझौता किया था, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना था। मैंने अपने पहले कार्यकाल में इस समझौते को मंजूरी नहीं दी। हाल ही में ईरान ने 42,000 बेकसूर और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को खत्म कर दिया। वह हम पर हंस रहे हैं। वो अब और नहीं हंस पाएंगे।
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फ्रांसीसी-ब्रिटिश कोशिश के खिलाफ भी चेतावनी दी है। ईरान के उप विदेशमंत्री ने कहा कि होर्मुज में अमेरिका की गैरकानूनी कार्रवाई का साथ देने पर सशस्त्र बल निर्णायक और तत्काल जवाब देंगे। इसके बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यह कोई सैन्य तैनाती नहीं होगी, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय मिशन होगा जिसका मकसद हालात ठीक होने पर जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करना होगा। ब्रिटिश रॉयल नेवी ने कहा कि एचएमएस ड्रैगन को इस सप्ताह मध्य पूर्व में तैनात किया जाएगा। एचएमएस ड्रैगन ब्रिटिश रॉयल नेवी का विनाशक युद्धपोत है। इसे विशेष रूप से विमानों और मिसाइलों जैसे हवाई खतरों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकुंद