डब्ल्यूएचओ की कोरोना के नए वैरिएंट पर नजर, दिसंबर में होगी समीक्षा
मॉस्को, 07 नवंबर (हि.स./रिया नोवोस्ती)। दुनियाभर में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कोविड-19 के नए स्ट्रेन पीजे.2.1 के बढ़ते प्रसार पर नजर रखनी शुरू कर दी है। संगठन के वैक्सीन विशेषज्ञ समूह ने कहा कि दिसंबर 2026 में होने वाली बैठक में इस वैरिएंट समेत अन्य नए स्ट्रेन के आंकड़ों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद कोविड-19 वैक्सीन की संरचना को लेकर नई सिफारिशें जारी की जा सकती हैं।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक कोविड-19 वैक्सीन संरचना पर तकनीकी सलाहकार समूह (टैग-को-वैक) दिसंबर में पीजे.2.1, एसटी.1 और एसडब्ल्यू.2.1 वैरिएंट से जुड़े उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण करेगा। इस दौरान विशेषज्ञ इन वैरिएंट के आनुवंशिक बदलाव, संक्रमण के प्रसार, एंटीजेनिक विशेषताओं और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर उनके प्रभाव का अध्ययन करेंगे। इसके साथ ही मौजूदा वैक्सीन इन नए वैरिएंट के खिलाफ कितनी प्रभावी हैं, इसका भी आकलन किया जाएगा।
इससे पहले डब्ल्यूएचओ के रूसी कार्यालय ने नए कोरोना स्ट्रेन पीजे.2.1 के वैश्विक स्तर पर फैलने की आशंका जताई थी। संगठन ने कहा था कि वह इस वैरिएंट की गतिविधियों और संक्रमण के प्रसार पर लगातार नजर रख रहा है। डब्ल्यूएचओ का तकनीकी सलाहकार समूह समय-समय पर कोविड-19 वैक्सीन की संरचना की समीक्षा करता है, ताकि बदलते वायरस के अनुरूप टीकों को अपडेट करने के बारे में सुझाव दिए जा सकें।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी