ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी के राजनयिक पहुंचे रूसी विदेश मंत्रालय, सुनने काे मिली खरी-खरी

 

मॉस्को, 11 जून (हि.स./रिया नोवोस्ती)। यूराेपीय नेतृत्व की पहल पर रूस के साथ शांति काे लेकर कूटनीतिक संपर्क की शुरुआत में ब्रिटेन, फ्रांस एवं जर्मनी के राजनयिकाें ने गुरुवार काे यहां रूस के विदेश मंत्रालय में विदेश उप मंत्री मिखाइल गलुज़िन से मुलाकात की। इस दौरान रूसी नेता ने उन देशाें की यूक्रेन काे लेकर नीतियाें के कारण हाे रहे नुकसान पर अपने आकलन से उन्हें अवगत कराया।

माैके पर तैनात रिया नोवोस्ती के एक रिपोर्टर ने बताया कि जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के राजनयिक दिन में रूसी विदेश मंत्रालय पहुंचे और डेढ़ घंटे तक वहां रहने के बाद लाैट गए।

रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि तीनाें देशाें के राजनयिकाें को यूक्रेन संकट पर उनके देशों के नेताओं की नुकसानदेह नीतियों के बारे में जानकारी दी गई।

बैठक के बाद मंत्रालय ने एक बयान में कहा, राजनयिक मिशनों के प्रमुखों को यूक्रेन संकट के संबंध में उनके देशों के नेताओं की उन नुकसानदेह नीतियों के बारे में निष्पक्ष जानकारी दी गई जिन नीतियों का मकसद यूक्रेन सरकार को रूस के खिलाफ युद्ध जारी रखने के लिए बढ़ावा देना है।

बयान के अनुसार तीनाें देशाें के राजनयिकाें काे साफताैर पर बताया गया कि यह युद्ध पश्चिमी देशों के गठबंधन की सीधी मदद से, उनकी कीमत पर और उनकी ओर से लड़ा जा रहा है।

बयान में कहा गया कि रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गलुज़िन ने राजदूतों को यूक्रेन संघर्ष का राजनयिक समाधान खोजने के बारे में रूस के नज़रिए से भी अवगत कराया। फिलहाल ब्रिटेन, फ्रांस एवं जर्मनी की ओर से इस बारे में काेई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन बुधौलिया