नेपाल के साथ संबंधों को मजबूत बनाने को चीन के राजदूत ने पेश किए चार सूत्री प्रस्ताव

 


काठमांडू, 04 जुलाई (हि.स.)। चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने नेपाल के साथ संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए चार सूत्री प्रस्ताव रखा है। झांग ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के 105वें स्थापना दिवस पर शनिवार को काठमांडू में आयोजित विचार गोष्ठी में यह पेश किया।

राजदूत झांग ने नेपाल-चीन संबंधों के भविष्य के संदर्भ में बोलते हुए दोनों देशों के राजनीतिक दलों के बीच गरीबी निवारण, आर्थिक विकास और पार्टी निर्माण के अच्छे अभ्यासों को साझा करने का पहला प्रस्ताव रखा। उसी तरह, नेपाल की विकास रणनीति के साथ बीआरआई को जोड़ते हुए ‘ट्रान्स-हिमालयन मल्टी-डायमेंशनल कनेक्टिविटी नेटवर्क’ के निर्माण को तीव्रता देने का उनका दूसरा प्रस्ताव है।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ और शंघाई सहयोग संगठन जैसे मंचों पर समन्वय करते हुए राष्ट्रपति सी जिनपिंग द्वारा प्रस्तावित ग्लोबल डेवलपमेंट, ग्लोबल सिक्योरिटी, ग्लोबल सिविलाइजेशन और ग्लोबल गवर्नेंस इनिशिएटिव्स के कार्यान्वयन में मिलकर कार्य करने के प्रति प्रतिबद्धता भी जताई। युवा पीढ़ी के बीच भ्रमण और सांस्कृतिक कार्यक्रम संचालित कर नेपाल-चीन मैत्री संबंध को हस्तांतरित करने का उनका चौथा प्रस्ताव है।

पार्टी की सफलता और विशेषता के बारे में चर्चा करते हुए राजदूत झांग ने कहा कि सीपीसी विश्व की सबसे बड़ी सत्तारूढ़ पार्टी है। इस पार्टी में 10 करोड़ 12 लाख से अधिक सदस्य हैं। उन्होंने प्रतिबद्धता व्यक्त की कि विश्व शांति को बढ़ावा देने और मानव प्रगति की यात्रा में योगदान देने के लिए चीन सदैव तैयार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज दास