बलूचिस्तान में हमलों को लेकर बीएलए का दावा- 31 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए

 

क्वेटा, 16 मई (हि.स.)। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में किए गए कई हमलों की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संगठन ने कहा कि 04 से 14 मई के बीच हुए 18 अलग-अलग हमलों में 31 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए, जिनमें एक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीएलए प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि हमले इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), घात लगाकर किए गए हमलों और सड़क अवरोध जैसी रणनीतियों के जरिए अंजाम दिए गए। संगठन का दावा है कि घटनाएं बलूचिस्तान के जमूरान, नोशकी, मस्तुंग, कलात, केच, ग्वादर, पंजगुर, दलबंदीन और चमालांग जैसे क्षेत्रों में हुईं।

रिपोर्टों के अनुसार, संगठन ने चमालांग क्षेत्र में पाकिस्तानी सैन्य काफिले को निशाना बनाने का दावा किया। इसके अलावा मस्तुंग क्षेत्र में क्वेटा-ताफ्तान राजमार्ग पर सैन्य सुरक्षा वाले वाहनों पर हमले की भी बात कही गई। कुछ स्थानों पर सड़क अवरोध और सरकारी परिसरों पर कब्जे के दावे भी किए गए हैं।

पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से इन घटनाओं को लेकर तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सुरक्षा एजेंसियां घटनाओं की जांच कर रही हैं और दावों की सत्यता की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।

बलूचिस्तान लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों और अलगाववादी हिंसा से प्रभावित क्षेत्र रहा है। इस इलाके में सुरक्षा बलों और उग्रवादी संगठनों के बीच समय-समय पर संघर्ष की घटनाएं सामने आती रही हैं। साथ ही, क्षेत्र में चल रही विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी अक्सर सुरक्षा बहस का विषय रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय