बांग्लादेश के मयमनसिंह में नहर के पानी से ड्रम में बंद हिंदू स्वर्णकार का क्षत-विक्षत शव मिलने से दहशत में अल्पसंख्यक
ढाका, 25 सितंबर (हि.स.)। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर अत्याचार की घटनाएं थम नहीं रहीं। इस बार बांग्लादेश के मयमनसिंह सदर इलाके की एक नहर से पुलिस ने एक हिंदू स्वर्णकार का ड्रम में बंद क्षत-विक्षत शव बरामद किया है। मृतक की पहचान निरंजन चंद्र सूत्रधर (50) के रूप में हुई है। वह मयमनसिंह जिले के त्रिशाल उपजिला निवासी रमेंद्र चंद्र सूत्रधर के पुत्र थे।
पेशे से स्वर्णकार निरंजन अपने परिवार के साथ मयमनसिंह शहर के स्टेडियम के निकट किराये के मकान में रहते थे। गुरुवार शाम पुलिस ने मृतक की पहचान सार्वजनिक की है।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बुधवार सुबह मयमनसिंह शहर के बेगुनबाड़ी स्लुइसगेट के पास नहर में लोगों ने एक प्लास्टिक का ड्रम तैरता देखा। ड्रम को देखकर संदेह होने पर उन्होंने तत्काल थाने को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद दोपहर में पुलिस मौके पर पहुंची और नहर से नीले रंग का प्लास्टिक का ड्रम बरामद किया। ड्रम का ढक्कन खोलने पर उसके अंदर से निरंजन चंद्र सूत्रधर का रक्तरंजित शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का प्रारंभिक अनुमान है कि हत्या की गई है। मृतक के सिर और सीने पर धारदार हथियार के कई गहरे निशान मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने निरंजन की हत्या किसी अन्य स्थान पर करने के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को ड्रम में भरकर रात के अंधेरे में नहर में बहा दिया।
उल्लेखनीय है कि, बांग्लादेश के मौलवीबाजार में भी हाल में एक युवा हिंदू चिकित्सक और उनके पिता की असामान्य एवं रहस्यमय मौत का मामला सामने आया था। गत 7 सितंबर को सिलहट शहर स्थित एक मकान से ब्राह्मणबाड़िया मेडिकल कॉलेज के युवा चिकित्सक पद्मजीत चक्रवर्ती प्रांत (31) का फंदे से लटका शव बरामद किया गया था। इसके बाद 17 सितंबर को उनके पिता पूर्णेंदु चक्रवर्ती का शव भी परिवार के कारोबारी प्रतिष्ठान की दूसरी मंजिल से बरामद किया गया। 11 दिनों के अंतराल पर पिता-पुत्र की इस तरह हुई मौतों से सुनियोजित हत्या की आशंका गहरा गई है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ लगातार हो रही हिंसा और उत्पीड़न की घटनाओं पर रोष व्यक्त करते हुए बांग्लादेश राष्ट्रीय हिंदू महासंघ के महासचिव पलाश कांति डे ने पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप