दो काफिलों पर हमले में 10 पाकिस्तानी जवानों की मौत, बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स का दावा

 


क्वेटा, 30 जुलाई (हि.स.)। बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने बलूचिस्तान के कच्छी जिले में फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) के दो सैन्य काफिलों पर हमला किया, जिसमें 10 पाकिस्तानी जवानों की मौत हो गई और कई अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तानी सेना की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बलूचिस्तान के ऑनलाइन समाचार नेटवर्क 'द बलूचिस्तान पोस्ट' के मुताबिक, बीआरजी प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला धादर और सन्नी के बीच उस समय किया गया, जब कैप्टन उमर के नेतृत्व में एफसी का एक काफिला सिबी से सन्नी की ओर बढ़ रहा था। संगठन के अनुसार, लड़ाकों ने घात लगाकर काफिले पर नजदीक से स्वचालित और भारी हथियारों से हमला किया, जिसमें छह जवान मौके पर ही मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।

बयान के मुताबिक, पहले हमले के बाद सहायता के लिए भेजे गए दूसरे सैन्य काफिले को भी रास्ते में निशाना बनाया गया। बीआरजी का दावा है कि इस हमले में चार और जवान मारे गए तथा कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।

संगठन का कहना है कि उसके लड़ाकों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच सुबह से शाम तक मुठभेड़ जारी रही। बीआरजी ने यह भी दावा किया कि बाद में पाकिस्तानी सेना ने मृतकों और घायलों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया।

बीआरजी ने आरोप लगाया कि सैन्य हेलीकॉप्टरों ने बाद में आबादी वाले इलाकों में गोलाबारी की और मुठभेड़ के दौरान सेना की ओर से मोर्टार भी दागे गए। हालांकि, इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

संगठन ने दावा किया कि कार्रवाई के बाद उसके सभी लड़ाके सुरक्षित रूप से अपने ठिकानों पर लौट गए। बयान में बीआरजी ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि बलूचिस्तान की पूर्ण आजादी तक ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी