आर्कटिक में फंसे 69 रूसी नागरिकों को नॉर्वे ने स्वदेश भेजा

 


ओस्लो, 08 सितंबर (हि.स.)। नॉर्वे ने आर्कटिक क्षेत्र के स्वालबार्ड द्वीप पर एक छोटे क्रूज जहाज की जब्ती के बाद फंसे 69 रूसी नागरिकों की स्वदेश वापसी में मदद की है। नॉर्वे के अधिकारियों के अनुसार, सभी रूसी नागरिक मंगलवार को नॉर्वे के किर्केनेस शहर के रास्ते रूस लौट गए।

इन रूसी नागरिकों के स्वालबार्ड पहुंचने वाले जहाज ‘प्रोफेसर मोलचानोव’ को पिछले सप्ताह एक नॉर्वेजियन अदालत के आदेश पर जब्त किया गया था। यह कार्रवाई यूक्रेन की एक कंपनी से जुड़े कानूनी विवाद के तहत की गई। जहाज की जब्ती के बाद उसके यात्री और चालक दल वहीं फंस गए थे। रूस ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘समुद्री डकैती’ करार दिया था।

घटना के बाद रूस और नाटो सदस्य नॉर्वे के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया। रूसी विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह मॉस्को में नॉर्वे के राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया था।

अदालती कार्रवाई यूक्रेनी ऊर्जा कंपनी नाफ्टोगाज की ओर से कराई गई है। कंपनी रूस द्वारा 2014 में क्रीमिया के विलय के दौरान जब्त की गई संपत्तियों के लिए 4.22 अरब डॉलर के मुआवजे के फैसले को लागू कराने की कोशिश कर रही है। रूस ने अदालत के आदेश के खिलाफ अपील करने की बात कही है।

स्वालबार्ड 1925 से नॉर्वे का क्षेत्र है। हालांकि 1920 की संधि के तहत रूस समेत कुछ देशों के नागरिकों को यहां बिना वीजा बसने की अनुमति है।

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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय