चीन में एपेक समिट के दौरान पुतिन और ट्रंप की हो सकती है मुलाकात
मॉस्को, 23 अगस्त (हि.स.)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच नवंबर में चीन में होने वाली एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कॉपरेशन (एपेक) समिट के दौरान मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, क्रेमलिन ने फिलहाल दोनों नेताओं की बैठक को लेकर किसी आधिकारिक योजना या संकेत की पुष्टि नहीं की है।
तुर्किए की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडोलू
ने रूसी मीडिया के हवाले से बताया कि क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने रविवार को कहा कि यदि पुतिन और ट्रंप एपेक समिट में एक साथ शामिल होते हैं तो उनके बीच बातचीत की संभावना काफी अधिक है। उन्होंने कहा कि अगर दोनों नेता एक ही कार्यक्रम में मौजूद रहते हैं तो उनके मिलने और बातचीत करने की संभावना है।
उशाकोव के मुताबिक, फिलहाल दोनों राष्ट्रपतियों की मुलाकात को लेकर कोई ठोस योजना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि एपेक समिट में अभी करीब तीन महीने का समय है और इससे पहले कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम होने हैं। ऐसे में बैठक को लेकर फैसला बाद में लिया जाएगा।
इस बीच, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) और यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों पर यूक्रेन को सैन्य सहायता देने और रूस के खिलाफ नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है।
रूसी सरकारी प्रसारक को दिए एक अलग इंटरव्यू में लावरोव ने कहा कि नाटाे और ईयू के देश अपनी रूस विरोधी गतिविधियों से सार्वजनिक रूप से खुद को अलग नहीं कर पाएंगे।
लावरोव ने ब्रिटेन, ब्रुसेल्स, पेरिस और बर्लिन समेत नाटाे और ईयू देशों में मौजूद उन प्रभावशाली लोगों की भी आलोचना की, जिन्हें उन्होंने रूस-विरोधी सोच रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि रूस ऐसे लोगों के कदमों पर नजर रखेगा।
लावरोव का बयान ऐसे समय आया है जब यूक्रेन युद्ध को लेकर रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। वहीं, पुतिन और ट्रंप की संभावित मुलाकात पर अब निगाहें नवंबर में होने वाली एपेक समिट पर टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी