नेपाल में फिर भूकम्प, 5.8 तीव्रता के झटके से कई घायल, कई घर हुए क्षतिग्रस्त

 


- दिल्ली-एनसीआर में रिक्टर स्केल पर 5.6 तीव्रता के तेज झटके महसूस किये गए

- उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भी फिर कांपी धरती

काठमांडू/नई दिल्ली, 06 नवंबर (हि.स.)। जाजरकोट को केन्द्र बिंदु बनाकर नेपाल में सोमवार को फिर दो बार भूकंप का तेज झटके महसूस किये गए हैं। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। भारत में रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। दिल्ली के अलावा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भी महसूस किए गए हैं। नेपाल को केंद्र बनाकर चार दिनों में दूसरी बार धरती हिली है।

नेपाल के स्थानीय समयानुसार पहला झटका शाम 4 बजकर 31 मिनट पर रिक्टर स्केल पर 5.8 तीव्रता का आया। दूसरा झटका 4 बजकर 40 मिनट पर रिक्टर स्केल 4.5 पर मापा गया। भूकंप के इन झटकों से कई घरों के टूटने की खबर है। जाजरकोट के रामीडांडा को ही केन्द्र बिंदु बनाकर सोमवार की शाम को भूकंप आने से लोगों में एक बार फिर दहशत का माहौल है। दो दिन पहले आए शक्तिशाली भूकंप में 150 से ज्यादा लोगों की मौत और हजारों घर की तबाही से लोग उबरे भी नहीं थे कि आज के भूकंप ने कुछ और घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है।

इससे पहले शुक्रवार की रात को आए भूकंप से भेरी नगरपालिका के राउत गांव में 12 लोगों की मौत हो गई थी। उसी गांव में आज के भूकंप से तीन घर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि वीर बहादुर ओली ने दी है। उन्होंने कहा कि इसी गांव में कुछ घायलों को अस्पताल भी पहुंचाया गया है। ओली के मुताबिक राउतगांव के आस पास रहे भरावन और गैरी क्षेत्र में भी कुछ घरों के टूटने की खबर है। उन्होंने कहा कि भूकंप के समय जोरदार आवाज के साथ घरों के टूटने के बाद धूल और धुआ से पूरा इलाका भर गया था। स्थानीय बलबीर खत्री ने कहा कि पिछले भूकंप से जिन घरों की दीवारों में केवल दरार आई थी, आज उन घरों के पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त होने का नजारा लोगों ने अपनी आंखों के सामने देखा।

कर्णाली प्रदेश के पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आज आए भूकंप के कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन भी हुआ है। कर्णाली प्रदेश के राम्नी-खलंगा सड़क अवरूद्ध होने से राहत और उद्धार में लगाई गई कई गाड़ियां रास्ते में फंसी हुई है। पुलिस की तरफ से रास्ता खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार/पंकज दास/सुनीत