अपने लहजे को लेकर ट्रोलिंग पर रश्मिका मंदाना ने तोड़ी चुप्पी

 




मुंबई, 22 अक्टूबर (हि.स.)। अभिनेत्री रश्मिका मंदाना अपने दक्षिण भारतीय लहजे को लेकर होने वाली ऑनलाइन ट्रोलिंग से परेशान होने के बजाय अपनी भाषाई पहचान पर गर्व करती हैं। हाल ही में 'कॉफी विद करण' के नौवें सीजन में उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर बात की।

रश्मिका ने बताया कि फिल्मी करियर की शुरुआत से ही उन्हें कभी अभिनय, कभी प्रदर्शन और कभी भाषा को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। हालांकि, इन बातों ने उन्हें अपने काम और पसंद को सीमित करने के लिए मजबूर नहीं किया।

रश्मिका ने कहा कि वह किसी एक फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहना चाहती थीं। उनकी इच्छा अलग-अलग भाषाओं में काम करने और उन्हें सीखने की रही है। अभिनेत्री के मुताबिक, जब से उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा है, तब से किसी न किसी बात पर उन्हें ताने सुनने पड़ते रहे हैं। ऐसे में उन्होंने तय किया कि वह दूसरों की टिप्पणियों के आधार पर अपने लिए सीमाएं तय नहीं करेंगी। वह अलग-अलग भाषाओं में काम करने के अवसरों को अपनाना चाहती हैं और अपनी पहचान को लेकर सहज हैं।

अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरनेट पर होने वाली नकारात्मक टिप्पणियां उनके करियर के फैसलों को प्रभावित नहीं करतीं। उनके लिए विभिन्न भाषाओं और फिल्म इंडस्ट्री में काम करना सीखने और आगे बढ़ने का अवसर है। रश्मिका का मानना है कि कलाकार के तौर पर खुद को एक दायरे में बांधने के बजाय नए अनुभवों को अपनाना जरूरी है। दक्षिण भारतीय लहजे को लेकर होने वाली ट्रोलिंग के बीच उनका यह रुख अपनी जड़ों पर गर्व करने और आलोचनाओं से आगे बढ़ने का संदेश देता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश चंद्र दुबे