फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना आसान नहीं था : शोभिता धुलिपाला
मुंबई, 05 नवंबर (हि.स.)। अभिनेत्री शोभिता धुलिपाला ने फिल्मी दुनिया में अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि एक बाहरी व्यक्ति के लिए मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता। हाल ही में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में कदम रखने के दौरान उनके पास न तो कोई मार्गदर्शन था और न ही इस दुनिया की पर्याप्त जानकारी। कॉलेज के दिनों में वह जीक्यू और वोग जैसी पत्रिकाओं के कवर देखती थीं, लेकिन उन्हें लगता था कि उनके जैसी लड़की के लिए उस दुनिया का हिस्सा बनना संभव नहीं है। ऐसे में बिना किसी मदद के आगे बढ़ना उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण और डरावना था।
कई ऑडिशन देने के बाद शोभिता को वर्ष 2016 में अनुराग कश्यप की फिल्म 'रमन राघव 2.0' से अभिनय की शुरुआत करने का मौका मिला। इस फिल्म के जरिए उन्हें कान फिल्म महोत्सव में शामिल होने का अवसर भी मिला, जहां उन्होंने कई प्रतिभाशाली लोगों से मुलाकात की और बहुत कुछ सीखा। अपने अनुभव शेयर करते हुए उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास करते रहने से सीखने के नए रास्ते खुलते हैं और कभी-कभी अचानक कोई बड़ा अवसर मिल जाता है। शोभिता के मुताबिक सफलता के बाद यह एहसास होता है कि किसी भी मुकाम तक पहुंचना असंभव नहीं है। इसके लिए किसी की मंजूरी का इंतजार करने के बजाय खुद पर भरोसा रखना जरूरी है। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए साहस, मेहनत और समय की जरूरत होती है।
शोभिता ने हिंदी के साथ मलयालम, तेलुगु और तमिल फिल्मों में भी काम किया है। उनके फिल्मी सफर में 'मूथोन', 'कुरुप', 'मेजर' और मणिरत्नम की 'पोन्नियिन सेलवन : पार्ट वन' और 'पार्ट टू' जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा वह 'बार्ड ऑफ ब्लड' और 'द नाइट मैनेजर' जैसी वेब सीरीज में भी नजर आ चुकी हैं। वर्ष 2024 में देव पटेल की फिल्म 'मंकी मैन' से उन्होंने हॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद वह हिंदी फिल्म 'लव सितारा' में दिखाई दीं। शोभिता का मानना है कि अपने दम पर रास्ता बनाना मुश्किल जरूर है, लेकिन आत्मविश्वास और लगातार मेहनत से मंजिल हासिल की जा सकती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश चंद्र दुबे