30 साल के करियर पर भावुक हुए आमिर खान
मुंबई, 23 अक्टूबर (हि.स.)। अभिनेता आमिर खान सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अपने जीवन और करियर के अनुभव शेयर करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने स्वीकार किया कि करीब तीन दशकों तक काम के प्रति जुनून में डूबे रहने के कारण वह अपने निजी रिश्तों को पर्याप्त समय नहीं दे पाए।
कोविड महामारी के दौरान जब उन्होंने अपनी जिंदगी पर विचार किया, तब उन्हें इस नुकसान का एहसास हुआ। आमिर ने कहा कि कुछ वर्षों तक काम में पूरी तरह डूबे रहना समझ में आता है, लेकिन अगर यह सिलसिला दशकों तक चलता रहे तो जीवन के अहम रिश्ते पीछे छूट जाते हैं। बच्चों के बड़े होकर वयस्क हो जाने के बाद उन्हें एक गहरे खालीपन का अनुभव हुआ। अपनी बात कहते हुए वह आंसू नहीं रोक पाए और कुछ देर रुकने के बाद उन्होंने दर्शकों से माफी मांगी। इस पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
आमिर ने बताया कि पिछले चार वर्षों से वह जानबूझकर अपने परिवार के लिए अधिक समय निकाल रहे हैं, ताकि काम उनकी पूरी जिंदगी पर हावी न हो। उन्होंने राहत जताई कि उन्हें यह एहसास 56 साल की उम्र में हुआ, न कि 86 वर्ष की उम्र में, जब बदलाव करना मुश्किल हो सकता था। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने शुरुआती करियर के संघर्षों को भी याद किया। आमिर के मुताबिक, पहली फिल्म 'कयामत से कयामत तक' की अप्रत्याशित सफलता के बाद उन्होंने महज छह महीने में नौ फिल्में साइन कर ली थीं। हालांकि, इनमें से कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुईं। इसके बाद उन्हें डर सताने लगा कि कहीं उन्हें एक हिट फिल्म देकर गुम हो जाने वाले अभिनेता के रूप में न याद किया जाए।
लगातार फिल्मों के असफल होने से आमिर पर मानसिक और भावनात्मक दबाव बढ़ गया था। उन्होंने बताया कि उस दौर में वह घर लौटकर अपनी पूर्व पत्नी रीना दत्ता के सामने रो पड़े थे। अपने संघर्ष को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता था, जैसे वह दलदल में फंसते जा रहे हैं और बाहर निकलने की हर कोशिश उन्हें और गहराई में धकेल रही है।
गौरतलब है कि आमिर नौ साल बाद सिंगापुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे हैं। इससे पहले वह वर्ष 2017 में अपनी फिल्म 'सीक्रेट सुपरस्टार' के सिलसिले में यहां आए थे। इस बार वह बतौर निर्माता अपनी फिल्म 'लगान' की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित विशेष स्क्रीनिंग में शामिल हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / लोकेश चंद्र दुबे