दिवाली में जलाए हुए दीए का क्या करें यही सोच रहे हैं आप, तो जवाब जानें यहाँ

देशभर में रविवार 8 नवंबर को दिवाली मनाई गई. विधि-विधान से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की गई। घरों को दीयों और लाइटों से सजाया गया। मगर, दिवाली में जलाए गए ​दीयों को कुछ लोग कूड़े में फेंक देते हैं. जो गलत है, अशुभ है।  क्या आप भी ऐसा करते हैं? अगर, करते हैं जो जानिए हमें यह क्यों नहीं करना चाहिए और दीयों का क्या करें। 

 

देशभर में रविवार 8 नवंबर को दिवाली मनाई गई. विधि-विधान से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की गई। घरों को दीयों और लाइटों से सजाया गया। मगर, दिवाली में जलाए गए ​दीयों को कुछ लोग कूड़े में फेंक देते हैं. जो गलत है, अशुभ है।  क्या आप भी ऐसा करते हैं? अगर, करते हैं जो जानिए हमें यह क्यों नहीं करना चाहिए और दीयों का क्या करें। 

दीयों में होता है मां लक्ष्मी का वास 

आज लाख आर्टिफिशियल लाइट्स आ गई हों, मगर दीए ही दिवाली की असल पहचान हैं। इनमें मां लक्ष्मी का वास करती हैं, इसलिए इन्हें न फेंके। इन्हें संभालकर रखें। अगर, आप मंदिर जाते हैं तो इन्हें ले जाएं और वहां जलाएं। इन्हें नदी, तालाब में विसर्जित भी कर सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि नदी में प्रवाहित करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। 

पुराने दीयों से करें घर रोशन

मां लक्ष्मी के सामने हर रोज नया दीया जलाना चाहिए। मगर, पुराने ​दीयों से आप घर के अन्य स्थानों को रोशन कर सकते हैं। इन्हें आंगन में, छत पर या गलियारों में जला सकते हैं। 


पुराने दीए मिट्टी में दबा दें

अगर, आप पुराने दीयों को क्या करें इसके बारे में सोच रहे हैं तो सबसे आसान​ विकल्प है इन्हें मिट्टी में दबाने का। किसी भी पेड़ के नीचे गड्ढा खोदें और इन दीयों को उसमें दबा दें।  इससे ये धीरे-धीरे मिट्टी में मिल जाएंगे। अगर, आप चाहें तो इन्हें वापस कुम्हार को दान भी कर सकते हैं। 

बच्चों को बांट दे दीए 

दीवाले में जलाए गए दीयों का क्या करें, तो इसका एक और विकल्प है इसे बच्चों को बांट दें। दीया दान करने से सुख-समृद्धि आती है। कभी किसी जरुरतमंद को इन दीयों की जरुरत है तो इन्हें दान करें।