Sharad Purnima Daan: शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कौन से 5 दान करने चाहिए?
शरद पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इसे कोजागर पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी चांदनी को अमृत के समान माना जाता है. शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा करने की भी खास परंपरा है. मान्यता है कि इस रात माता लक्ष्मी पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं और यह देखती हैं कि कौन जागकर उनकी आराधना कर रहा है. इसलिए इस दिन विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करने, चंद्रदेव को अर्घ्य देने और जरूरतमंदों को दान करने से सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है. आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किन 5 चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.
शरद पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इसे कोजागर पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है और उसकी चांदनी को अमृत के समान माना जाता है. शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा करने की भी खास परंपरा है. मान्यता है कि इस रात माता लक्ष्मी पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं और यह देखती हैं कि कौन जागकर उनकी आराधना कर रहा है. इसलिए इस दिन विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करने, चंद्रदेव को अर्घ्य देने और जरूरतमंदों को दान करने से सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है. आइए जानते हैं कि शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए किन 5 चीजों का दान करना शुभ माना जाता है.
शरद पूर्णिमा 2026 कब है?
साल 2026 में शरद पूर्णिमा यानी कोजागर पूर्णिमा का पर्व रविवार, 25 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस दिन चंद्रमा की पूजा, मां लक्ष्मी की आराधना और दान-पुण्य का विशेष महत्व है.
शरद पूर्णिमा 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ: 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:55 बजे
पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:41 बजे
चंद्रोदय का समय: शाम 5:00 बजे के आसपास
कोजागर पूजा / निशिता काल मुहूर्त: रात 11:40 बजे से 26 अक्टूबर को रात 12:31 बजे तक
शरद पूर्णिमा पर क्या-क्या किया जाता है?
शरद पूर्णिमा की रात गाय के दूध और चावल से बनी खीर को खुले आसमान के नीचे चांदनी में रखने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों में अमृत के समान गुण होते हैं. अगले दिन सुबह खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. इस रात धन की देवी मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की विधि-विधान से पूजा की जाती है. मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मानसिक शांति मिलती है.
शरद पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए क्या दान करें?
1. अन्न दान:- शरद पूर्णिमा पर चावल, गेहूं या अन्य अनाज का दान करना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अन्न दान करने से घर में अन्न की कमी नहीं होती और मां अन्नपूर्णा व मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. इस दिन जरूरतमंदों को अनाज दान करना पुण्यदायी माना जाता है.
2. सफेद वस्त्रों का दान:- शरद पूर्णिमा पर जरूरतमंद लोगों को सफेद वस्त्र दान करना भी शुभ माना जाता है. सफेद रंग को शांति, पवित्रता और चंद्रदेव से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन वस्त्र दान करने से जीवन में सुख-शांति आती है और मन को संतोष मिलता है.
3. खीर का दान:- शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने और उसका प्रसाद बांटने की विशेष परंपरा है. इस रात चांदनी में रखी खीर को अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है. इसके साथ ही जरूरतमंदों को खीर या भोजन का दान करना भी शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर में सुख-समृद्धि और जीवन में मधुरता बनी रहती है.
4. दीपदान:- इस दिन मंदिर में, तुलसी के पास या घर के आंगन में दीपक जलाना शुभ माना जाता है. श्रद्धालु पवित्र नदी के तट पर भी दीपदान करते हैं. मान्यता है कि दीपदान से जीवन में सकारात्मकता आती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है. दीपदान करते समय सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए.
5. गुड़ या सफेद मिठाई का दान:- शरद पूर्णिमा पर गुड़ या सफेद रंग की मिठाइयों का दान करना भी शुभ माना जाता है. इस दिन जरूरतमंदों को मिठाई बांटने से आपसी प्रेम और रिश्तों में मिठास बढ़ने की मान्यता है. इसे सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना से भी जोड़ा जाता है.