1 अक्टूबर जन्मदिन विशेष: सूर्य और शुक्र का प्रभाव देगा नेतृत्व का गुण, दृढ़ निश्चय और स्वाभिमान बनेंगे बड़ी ताकत
1 अक्टूबर को जन्म लेने वाले व्यक्तियों की जन्मतिथि का स्वामी ग्रह सूर्य है और इनका जन्मांक सिंह राशि के अंतर्गत आता है। अक्टूबर माह का अधिपति ग्रह शुक्र होने के कारण इनके जीवन पर शुक्र और सूर्य का सम्मिलित प्रभाव बना रहता है।
ऐसे लोग निश्छल और उदार हृदय वाले माने जाते हैं। इनके जीवन में कई बार अचानक घटनाएं और बदलाव देखने को मिल सकते हैं, लेकिन कठिन परिस्थितियों में भी स्वयं को सामान्य बनाए रखने की क्षमता इनमें होती है। दृढ़ निश्चय, पराक्रम और स्वाभिमान इनके व्यक्तित्व की बड़ी विशेषता होती है।
इनमें नेतृत्व का गुण प्रमुखता से दिखाई देता है। लोगों से अपना काम निकलवाने की कला में भी माहिर होते हैं। इनका जनसंपर्क उच्च स्तर का हो सकता है और परोपकार की भावना भी प्रबल रहती है। जरूरत पड़ने पर दूसरों की सहायता करने के लिए आगे आने की प्रवृत्ति इनके व्यक्तित्व को खास बनाती है।
हालांकि अत्यधिक उतावलापन इनकी प्रमुख कमजोरी साबित हो सकता है। जल्दबाजी में लिए गए फैसले कई बार परेशानी बढ़ा सकते हैं। ये सामान्य या छोटे स्तर के कार्यों से संतुष्ट होने के बजाय हमेशा कुछ नया और बड़ा करने की सोच रखते हैं। नई चीजों और नए प्रयोगों की ओर इनका झुकाव बना रहता है।
इनका दाम्पत्य जीवन मधुर रहने के संकेत हैं। स्मरण शक्ति भी अच्छी रहती है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में विशेष रुचि होने के कारण जनसंपर्क से जुड़े कार्यों में अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं।
कुल मिलाकर 1 अक्टूबर को जन्मे लोगों के लिए आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, स्वाभिमान, बेहतर जनसंपर्क और कुछ नया करने की सोच सफलता की बड़ी ताकत बन सकती है। जरूरत से ज्यादा उतावलापन नियंत्रित करना इनके लिए लाभकारी रहेगा।
क्या करें उपाय:
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सुख-सौभाग्य के लिए नियमित रूप से अपने इष्ट देवी-देवता की पूजा-अर्चना करें।
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दैनिक जीवन में सुनहरे और नारंगी रंग की वस्तुओं का अधिक प्रयोग करें।
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लाल रंग से संबंधित वस्तुओं का दान करें।
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रविवार को लाल वस्त्र में गेहूं, लाल फूल और तांबे का सिक्का दक्षिणा सहित दान करें।
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सदाचार और अहिंसा का पालन करें।
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समाज सेवा निष्काम भाव से करें।
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आरोग्य और सौभाग्य के लिए उचित परामर्श के बाद रत्न, उपरत्न अथवा यंत्र विधि-विधानपूर्वक धारण करें।
अनुकूल योग और जानकारी:
मंत्र: ॐ घृणिः सूर्याय नमः
व्रत: रविवार
अनुकूल दिन: रविवार, बुधवार एवं गुरुवार
अनुकूल रंग: नारंगी, सुनहरा एवं पीला
अनुकूल मास: जनवरी, जुलाई एवं दिसंबर
अनुकूल तिथियां: 1, 10, 19, 28
अनुकूल वर्ष: 1, 10, 19, 28, 37, 46, 55, 64
अनुकूल अंक: 2, 4, 7
जन्मरत्न: माणिक्य
उपरत्न: गार्नेट (तामड़ा)
महत्वपूर्ण समय: 22 मार्च से 28 अप्रैल तथा 10 जुलाई से 20 अगस्त
विशेष टिप्पणी:
1 अक्टूबर को जन्मे जातकों की दृढ़ इच्छाशक्ति, पराक्रम, स्वाभिमान, नेतृत्व क्षमता और मजबूत जनसंपर्क उनकी सबसे बड़ी ताकत माने जाते हैं। ये हमेशा कुछ नया करने की सोच रखते हैं। यदि जल्दबाजी और जरूरत से ज्यादा उतावलेपन पर नियंत्रण रखें तो सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन में अपनी अलग पहचान बनाने में सफल हो सकते हैं।
विशेषज्ञ की राय:
यह संपूर्ण जानकारी हस्तरेखा विशेषज्ञ, रत्न-परामर्शदाता, फलित एवं अंक ज्योतिषी व वास्तुविद् विमल जैन द्वारा दी गई है।
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