Mahashivratri 2025 : विश्वनाथ मंदिर में नहीं होगी श्रृंगार भोग और शयन आरती, ये रहा पूजा का पूरा शिड्यूल

उत्तर प्रदेश के बनारस स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन सप्त ऋषि आरती, श्रृंगार भोग आरती और शयन आरती का आयोजन नहीं होगा। इसके स्थान पर बाबा विश्वनाथ की चार प्रहर की विशेष आरती होगी।यह जानकारी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने दी। बताया कि परंपरा के मुताबिक महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की आरती होती रही है। न्यास ने 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में होने वाले सभी तरह के आयोजन और बाबा की पूजा का पूरा शिड्यूल जारी किया है। 

 

उत्तर प्रदेश के बनारस स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन सप्त ऋषि आरती, श्रृंगार भोग आरती और शयन आरती का आयोजन नहीं होगा। इसके स्थान पर बाबा विश्वनाथ की चार प्रहर की विशेष आरती होगी।यह जानकारी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने दी। बताया कि परंपरा के मुताबिक महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की आरती होती रही है। न्यास ने 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में होने वाले सभी तरह के आयोजन और बाबा की पूजा का पूरा शिड्यूल जारी किया है। 

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्रा के मुताबिक महाशिवरात्रि के मौके पर सुबह 3:15 बजे तक बाबा की मंगला आरती होगी। इसके बाद सुबह 3:30 बजे से मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने महाशिवरात्रि पर रात्रि के समय होने वाली चारों प्रहर की आरती का शिड्यूल भी बताया. कहा कि आरती के दौरान भी श्री काशी विश्वनाथ महादेव का झांकी दर्शन में कोई बाधा नहीं आएगी. उस दिन पूजा शिड्यूल की चर्चा करते हुए बताया कि बाबा की मंगला आरती सुबह 2:15 बजे शुरू होगी। 

सुबह सवा तीन बजे से होगा दर्शन
3:15 बजे आरती संपन्न होगी और फिर 3:30 बजे से श्राद्धालुओं के दर्शन पूजन के लिए मंदिर का पट खोल दिया जाएगा। इसी प्रकार सुबह 11:40 बजे से मध्याहन भोग आरती का आयोजन किया जाएगा। यह आरती 12:20 बजे तक होगी। इसी क्रम में उन्होंने चारों प्रहर की आरती का भी शिड्यूल बताया। कहा कि प्रथम प्रहर की आरती रात्रि 9:30 बजे से होगी। इसमें शंख बजेगा एवं पूजा की तैयारी भी होगी। इस दौरान झांकी दर्शन बदस्तूर जारी रहेगा। 

रात में 10 बजे प्रथम प्रहर की आरती
फिर रात्रि 10 बजे से आरती शुरू होकर रात्रि 12:30 बजे चलेगी। द्वितीय प्रहर की आरती रात्रि 01:30 बजे से रात्रि 02:30 बजे तक और तृतीय प्रहर की आरती सुबह 03:30 बजे से शुरू होकर सुबह के 04:30 बजे होगा। इसी प्रकार चतुर्थ प्रहर की आरती सुबह 5 बजे से सवा छह बजे तक होगी। उन्होंने बताया कि परंपरा के मुताबिक महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में सप्त ऋषि आरती, श्रृंगार भोग आरती और शयन आरती का आयोजन नहीं किया जाएगा। 

भव्य और दिव्य तरीके से सजा विश्वनाथ धाम
इस आयोजन के लिए काशी विश्वनाथ धाम को भव्य और दिव्य तरीके से सजाया गया है। इसके लिए पूरे विश्वनाथ धाम को झालर और रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक लुक दिया गया है। मंदिर प्रांगण में चल रही तैयारियों की न्यास के अधिकारी सतत निगरानी कर रहे हैं। मंदिर के सीईओ विश्व भूषण एवं डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने शनिवार को गेट नंबर-4 से गंगा द्वार तक तैयारी का निरीक्षण किया।