Lohri 2026: आज किस समय जलाएं लोहड़ी की अग्नि? जान लें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
लोहड़ी सिख धर्म बहुत महत्वपूर्ण और विशेष पर्व माना जाता है. आज देश और दुनिया में लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है. पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है. जिन घरों में नया विवाह हुआ होता है, वहां तो लोहड़ी की रौनक देखते ही बनती है. ये पर्व मुख्य रूप से कृषि से जुड़ा है. इस दिन सूर्य देव और अग्नि देव की विशेष पूजा की जाती है.किसान अपनी रबी की फसल (खासकर गेहूं और सरसों) की कटाई की खुशियां मनाते हैं. लोहड़ी पर खूब नाच-गाना होता है. नई फसल को लोहड़ी की अग्नि में भोग के रूप में अर्पित किया जाता है. शाम या रात के समय लोहड़ी की अग्नि जलाई जाती है. ऐसे आइए जानते हैं कि आज किस शुभ मुहूर्त में लोहड़ी की अग्नि जलाई जाएगी? साथ ही जानते हैं लोहड़ी की सामग्री पूजा विधि.
लोहड़ी सिख धर्म बहुत महत्वपूर्ण और विशेष पर्व माना जाता है. आज देश और दुनिया में लोहड़ी का त्योहार मनाया जा रहा है. पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है. जिन घरों में नया विवाह हुआ होता है, वहां तो लोहड़ी की रौनक देखते ही बनती है. ये पर्व मुख्य रूप से कृषि से जुड़ा है. इस दिन सूर्य देव और अग्नि देव की विशेष पूजा की जाती है.किसान अपनी रबी की फसल (खासकर गेहूं और सरसों) की कटाई की खुशियां मनाते हैं. लोहड़ी पर खूब नाच-गाना होता है. नई फसल को लोहड़ी की अग्नि में भोग के रूप में अर्पित किया जाता है. शाम या रात के समय लोहड़ी की अग्नि जलाई जाती है. ऐसे आइए जानते हैं कि आज किस शुभ मुहूर्त में लोहड़ी की अग्नि जलाई जाएगी? साथ ही जानते हैं लोहड़ी की सामग्री पूजा विधि.
लोहड़ी पूजा और अग्नि प्रज्वलित करने का शुभ मुहूर्त
लोहड़ी पर पूजा करने और अग्नि प्रज्वलित करने का शुभ मुहूर्त 13 जनवरी यानी आज शाम 05 बजकर 43 मिनट से शुरू हो रहा है. ये शुभ मुहूर्त 07 बजकर 15 मिनट तक रहने वाला है. इस साल लोहड़ी पर सुकर्मा और चित्रा योग है. इन शुभ योगों में लोहड़ी मानने से जीवन में आपार सुख-समृद्धि आ सकती है.
लोहड़ी पूजा की सामग्री
लकड़ी
उपले
दूध
घी
तिल
गुड़
रेवड़ी
मूंगफली
मक्का
लोहड़ी की पूजा विधि
लोहड़ी की शाम के समय घर के बाहर या खुली जगह पर अच्छे से साफ-सफाई करें.इसके बाद वहां लकड़ियां और उपले इकट्ठा करके ढेर बना लें.फिर शुभ मुहूर्त में लोहड़ी की अग्नि जलाएं. अग्नि की परिक्रमा करें.अग्नि की परिक्रमा करते हुए उसमें दूध और जल अर्पित करें.अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और मक्का यानी पॉपकॉर्न आदि अर्पित करें. किसान गेहूं की बालियां अर्पित करें.अग्नि की कम से कम 7 या 11 परिक्रमा करें. फिर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.पूजा के बाद सभी को रेवड़ी और मूंगफली का प्रसाद वितरित करें.