Lakshmi Puja muhurat: दिवाली पर लक्ष्मी पूजन के लिए मिलेगा सिर्फ इतना समय, नोट करें शुभ मुहूर्त
कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसा माना जाता है कि दिवाली के दिन माता लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं और धन-धान्य में वृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. इस साल दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी. ऐसे में अगर आप भी दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करने वाले हैं, तो हम आपको बताएंगे कि दिवाली पर लक्ष्मी जी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है.
कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दिवाली का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा-अर्चना की जाती है. ऐसा माना जाता है कि दिवाली के दिन माता लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं और धन-धान्य में वृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. इस साल दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी. ऐसे में अगर आप भी दिवाली पर लक्ष्मी पूजन करने वाले हैं, तो हम आपको बताएंगे कि दिवाली पर लक्ष्मी जी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है.
दीपावली 2025 में लक्ष्मी पूजा का समय क्या है?
पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इस अमावस्या तिथि का समापन अगले दिन 21 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 54 पर होगा. ऐसे में इस बार दिवाली 20 अक्टूबर ही को मनाई जाएगी.
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त – शाम 7:08 मिनट से रात 08:18 मिनट तक.
प्रदोष काल – शाम 5:46 मिनट से रात 08:18 मिनट तक.
वृषभ काल – रात 07:08 मिनट से रात 09:03 मिनट तक.
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त कितने बजे है?
ऐसे में देखा जाए तो दिवाली पर यानी 20 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा के लिए शाम 5:47 से लेकर 7:43 बजे के बीच तक का समय सबसे शुभ है. इस दौरान आप विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन कर सकते हैं.
दिवाली पूजन नियम
दिवाली की पूजा के दौरान काले रंग के कपड़े भूलकर भी नहीं पहनने चाहिए.
दिवाली के दिन किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए.
दिवाली पर घर और मंदिर की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें.
दिवाली की पूजा में टूटे हुए बर्तन इस्तेमाल नहीं करने चाहिए.
दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की खंडित मूर्ति की पूजा न करें.
धन के लिए लक्ष्मी मंत्र क्या है?
धन प्राप्ति के लिए कई लक्ष्मी मंत्र बताए गए हैं, जिनमें सबसे लोकप्रिय “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं” बीज मंत्र है. इस लक्ष्मी मंत्र का जाप 108 बार कमलगट्टे की माला से करना चाहिए.