Jupiter Transit 2026: 31 अक्टूबर से बदलेगी देवगुरु की चाल, इन 3 राशियों पर टूटेगा संकट… तो इनकी चमकेगी किस्मत!

\ज्योतिष में सुख, सौभाग्य, धन, संतान और ज्ञान के कारक ग्रह माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति बहुत जल्द अपनी स्थिति में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं. गुरु का ये गोचर सिर्फ राशि परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दौरान गुरु केतु के स्वामित्व वाले उग्र और प्रभावशाली मघा नक्षत्र में भी कदम रखेंगे. ज्योतिषीय गणनाओं की मानें तो सिंह राशि में देवगुरु की यह मौजूदगी अगले 86 दिनों तक बनी रहेगी. गुरु का लगभग तीन महीने का यह प्रवास देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में किसी न किसी रूप में बड़ा मोड़ लेकर आएगा. कुछ लोगों के लिए यह समय मुश्किल इम्तिहान साबित होगा, तो कुछ लोगों के लिए बंद दरवाजे खोलने वाला रहेगा.

 

ज्योतिष में सुख, सौभाग्य, धन, संतान और ज्ञान के कारक ग्रह माने जाने वाले देवगुरु बृहस्पति बहुत जल्द अपनी स्थिति में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं. गुरु का ये गोचर सिर्फ राशि परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इस दौरान गुरु केतु के स्वामित्व वाले उग्र और प्रभावशाली मघा नक्षत्र में भी कदम रखेंगे. ज्योतिषीय गणनाओं की मानें तो सिंह राशि में देवगुरु की यह मौजूदगी अगले 86 दिनों तक बनी रहेगी. गुरु का लगभग तीन महीने का यह प्रवास देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में किसी न किसी रूप में बड़ा मोड़ लेकर आएगा. कुछ लोगों के लिए यह समय मुश्किल इम्तिहान साबित होगा, तो कुछ लोगों के लिए बंद दरवाजे खोलने वाला रहेगा.

किस समय करेंगे देवगुरु बृहस्पति गोचर?
पंचांग के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे. इस राशि परिवर्तन के साथ गुरु मघा नक्षत्र में भी प्रवेश करेंगे, जिसे ज्योतिष में केतु के स्वामित्व वाला नक्षत्र माना जाता है. ज्योतिष में बृहस्पति को ज्ञान, विवेक, धर्म, संतान, विवाह, शिक्षा, धन और सौभाग्य का कारक ग्रह माना गया है. वहीं सिंह राशि का संबंध आत्मविश्वास, नेतृत्व, प्रतिष्ठा, अधिकार और मान-सम्मान से जोड़ा जाता है.

गुरु गोचर से इन 3 राशियों को रहना पड़ सकता है सावधान!

मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर कुछ मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का संकेत दे सकता है. इस दौरान नौकरी और कारोबार से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने से बचना बेहतर रहेगा. कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और किसी काम को पूरा करने में उम्मीद से अधिक समय लग सकता है.आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी.

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों को इस अवधि में अपने कामकाज और आर्थिक योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पड़ सकती है. नौकरी करने वाले लोगों को कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाना होगा. किसी सहकर्मी या वरिष्ठ अधिकारी के साथ बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना बेहतर रहेगा.कारोबार करने वालों को नए सौदे या साझेदारी से पहले सभी जरूरी शर्तों की जांच करनी चाहिए.

मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन कुछ नई जिम्मेदारियां लेकर आ सकता है. कामकाज में व्यस्तता बढ़ने या किसी योजना को पूरा करने में अधिक मेहनत करने की जरूरत पड़ सकती है. ऐसे में अपने समय और ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना जरूरी होगा.आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा. व्यक्तिगत संबंधों में भी धैर्य और समझदारी से काम लेने की जरूरत होगी. किसी बात को लेकर जल्द निष्कर्ष निकालने के बजाय सामने वाले का पक्ष सुनना बेहतर रहेगा.

इन 4 राशियों के लिए लाभकारी हो सकता है गुरु का गोचर!
मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का सिंह राशि में प्रवेश कुछ सकारात्मक संभावनाएं लेकर आ सकता है. शिक्षा, रचनात्मक कार्यों और करियर से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. जो लोग लंबे समय से किसी योजना पर काम कर रहे हैं, उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद रह सकती है.विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और नई चीजें सीखने का समय हो सकता है.

सिंह राशि
सिंह राशि में ही देवगुरु बृहस्पति का प्रवेश होने के कारण इस गोचर को इस राशि के जातकों के लिए विशेष महत्व वाला माना जा सकता है. आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत विकास से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव की संभावनाएं बन सकती हैं.नौकरीपेशा लोगों को अपनी योग्यता साबित करने के अवसर मिल सकते हैं.

तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर लाभ, संपर्क और सामाजिक संबंधों से जुड़े मामलों में सकारात्मक संभावनाएं पैदा कर सकता है. लंबे समय से अटके किसी काम को आगे बढ़ाने के लिए नए रास्ते मिल सकते हैं. नौकरी और कारोबार में नए लोगों से संपर्क भविष्य में उपयोगी साबित हो सकते हैं.आर्थिक मामलों में आय बढ़ाने के नए विकल्पों पर विचार करने का अवसर मिल सकता है.

धनु राशि
धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं. ऐसे में गुरु के गोचर को इस राशि के जातकों के लिए ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. इस अवधि में करियर, शिक्षा, यात्रा और भविष्य की योजनाओं से जुड़े मामलों में नई संभावनाएं बन सकती हैं. विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने से लाभ मिल सकता है.