Chaitra Navratri 2026: इस साल पालकी पर बैठ धरती पर आएंगी मां दुर्गा, जानें कैसे तय होता है उनका वाहन?
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में माता रानी धरती लोक पर अपने भक्तों के दुख और संकट हरने के लिए आती हैं. इस दौरान किए गए पूजा-पाठ का विशेष फल प्राप्त होता है. इस साल चैत्र नवरात्रि में माता दुर्गा पालकी पर सवार होकर धरती लोक पर आने वाली हैं, जबकि हाथी पर बैठकर माता प्रस्थान करेंगी. एक सवाल लोगों के मन में अक्सर आता है कि माता का वाहन कैसे तय होता है? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
नवरात्रि का पर्व माता दुर्गा के भक्तों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान माता के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है. साथ ही व्रत रखा जाता है. नवरात्रि के दिन भक्ति और अराधना के होते हैं. 19 मार्च को चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी. इसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के दिन होगा.
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में माता रानी धरती लोक पर अपने भक्तों के दुख और संकट हरने के लिए आती हैं. इस दौरान किए गए पूजा-पाठ का विशेष फल प्राप्त होता है. इस साल चैत्र नवरात्रि में माता दुर्गा पालकी पर सवार होकर धरती लोक पर आने वाली हैं, जबकि हाथी पर बैठकर माता प्रस्थान करेंगी. एक सवाल लोगों के मन में अक्सर आता है कि माता का वाहन कैसे तय होता है? आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
पालकी पर आना माना जाता है अशुभ संकेत
चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा पालकी की सवारी पर आ रही हैं, लेकिन माता का पालकी पर आना अशुभ संकेत माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार, माता रानी का पालकी पर आने अर्थ ये है कि देश-दुनिया महामारी और बीमारी की चपेट में आ सकती है. माता का पालकी पर सवार होकर आना व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए भी यह शुभ नहीं रहता है.
इस तरह से तय होता है मां दुर्गा का वाहन
मां दुर्गा का वाहन सिंह यानी शेर माना जाता है. माता दुर्गा शेर पर ही सवार रहती हैं, लेकिन जब देवी मां नवरात्रि में पृथ्वीलोक पर आती हैं तब उनका वाहन बदल जाता है. मां के वाहन में बदलाव दिन के वार के हिसाब से होता है. जब नवरात्रि की शुरुआत गुरुवार या शुक्रवार के दिन से शुरू होती है, तो मां पालकी पर सवार होकर धरती पर आती हैं. इस बार चैत्र नवरात्रि गुरुवार से शुरू हो रही है. इसलिए माता रानी इस बार पालकी पर सवार होकर आने वाली हैं.