Adhik Purnima Remedies: अधिक मास पूर्णिमा पर बन रहा है विशेष संयोग, ये 4 उपाय बदल सकते हैं किस्मत

हिंदू धर्म में किसी भी पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस तिथि पर की गई पूजा का पूर्ण फल भक्तों को मिलता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और समस्त पापों से मुक्ति के द्वार खुलते हैं। वहीं मान्यता यह भी है कि जब पूर्णिमा तिथि अधिक मास में पड़ती है तो इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अधिक मास तीन साल में आता है। इस साल ज्येष्ठ का महीना अधिक मास है। अधिक मास का आरंभ 17 मई को हुआ है और यह 15 जून तक चलेगा। वहीं इसके बीच पड़ने वाली पूर्णिमा को अधिक पूर्णिमा कहा जाता है। इस साल अधिक पूर्णिमा 31 मई, रविवार के दिन पड़ रही है। अगर आप इस दिन ज्योतिष के कुछ आसान उपाय आजमाएंगी तो आपके जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहेगी। 

 

हिंदू धर्म में किसी भी पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। ऐसा कहा जाता है कि इस तिथि पर की गई पूजा का पूर्ण फल भक्तों को मिलता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं और समस्त पापों से मुक्ति के द्वार खुलते हैं। वहीं मान्यता यह भी है कि जब पूर्णिमा तिथि अधिक मास में पड़ती है तो इसका महत्व और ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अधिक मास तीन साल में आता है। इस साल ज्येष्ठ का महीना अधिक मास है। अधिक मास का आरंभ 17 मई को हुआ है और यह 15 जून तक चलेगा। वहीं इसके बीच पड़ने वाली पूर्णिमा को अधिक पूर्णिमा कहा जाता है। इस साल अधिक पूर्णिमा 31 मई, रविवार के दिन पड़ रही है। अगर आप इस दिन ज्योतिष के कुछ आसान उपाय आजमाएंगी तो आपके जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहेगी। 

माता लक्ष्मी और विष्णु जी की पूजा करें

यदि आप अधिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करेंगी तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं। यही नहीं इस दिन आप प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि से मुक्त होकर विष्णु जी को स्नान कराने के बाद एक चौकी चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और विष्णु की मूर्ति स्थापित करें। साथ ही, माता लक्ष्मी की प्रतिमा भी स्थापित करके विष्णु जी को चंदन का तिलक लगाएं और माता लक्ष्मी को सिंदूर का टीका लगाकर विधि-विधान के साथ पूजन करें। इससे विष्णु जी का आशीर्वाद मिलेगा और कष्टों से मुक्ति मिल सकती है।

चंद्रमा को अर्घ्य दें

पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं से युक्त होता है और यदि आप अधिक मास की पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा को अर्घ्य देंगी, तो आपके जीवन में इसके शुभ परिणाम दिखाई देंगे। इस दिन आप एक तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें कच्चे दूध की कुछ बूंदें मिलाएं और चंद्रमा को अर्घ्य दें, तो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। इस उपाय से आपको चंद्रमा की पूर्ण ऊर्जा मिलती है।

जरूरतमंदों को दान दें

किसी भी पूर्णिमा तिथि पर दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है, लेकिन अधिक मास की पूर्णिमा अत्यंत शुभ मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि यदि आप इस पूर्णिमा तिथि पर जरूरतमंदों को धन का दान करती हैं, तो आपके जीवन में इसके शुभ परिणाम मिलते हैं। इस दिन धन का दान करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है।

सत्यनारायण की कथा का पाठ करें

अधिक मास की पूर्णिमा तिथि पर सत्यनारायण की कथा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन आप घर में कथा का आयोजन करें और श्रद्धा से प्रसाद बनाएं। यह प्रसाद समस्त परिवार जनों और मित्रों आदि में वितरित करें। इससे आपके जीवन की सभी समस्याएं दूर हो सकती हैं और मनोकामनाओं को पूर्ति होती है।