(अपडेट) शिपरॉकेट की स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री, फायदे में आईपीओ निवेशक

 


नई दिल्ली, 19 अगस्त (हि.स.)। एसएमई और बड़े रिटेलर्स को ई-कॉमर्स सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली कंपनी शिपरॉकेट के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने धांसू एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 97 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 33.51 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 129.50 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 35.05 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 131 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयरों के भाव में तेजी का रुख बन गया। लगातार हो रही खरीदारी के कारण दोपहर एक बजे के करीब ये शेयर उछल कर 155.40 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण अपर सर्किट ब्रेक हो गया। पूरे दिन का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 142.90 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 45.90 रुपये यानी 47.32 प्रतिशत का फायदा हो गया।

शिपरॉकेट का 1,617.48 करोड़ रुपये का आईपीओ 12 से 14 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से धमाकेदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 102.28 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 125.20 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 92.58 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 48.38 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 16,67,61,566 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 885 करोड़ रुपये के 9,12,99,203 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 732 करोड़ रुपये के 7,54,62,363 शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मार्केटिंग, टेक इंफ्रा और कैपेबिलिटीज में निवेशक करने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

शिपरॉकेट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में लगातार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 595.18 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 74.45 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध घाटा मामूली बढ़त के साथ 79.25 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,357.83 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,674.82 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2,077.42 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज के बोझ में मामूली उतार-चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 213.38 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 244.67 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली गिरावट के साथ 242.01 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 1,284.16 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 1,491.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 1,524.29 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक